चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त की अध्यक्षता में सोमवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें पुलिस अधीक्षक अमित रेनू, तीनों अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, विभिन्न पुलिस पदाधिकारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोड कंस्ट्रक्शन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक की शुरुआत जिला परिवहन पदाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत करते हुए की।
उन्होंने पिछले वर्षों के हादसों और मृत्यु के आंकड़े, वर्ष 2024-25 के तुलनात्मक डेटा, जिले में जारी सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, नियम तोड़ने वालों पर की जा रही कार्रवाई तथा रोड कंस्ट्रक्शन विभाग द्वारा किए जा रहे सुधारात्मक उपायों की जानकारी दी। दुर्घटनाओं की समीक्षा के बाद जिला उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर बार-बार हादसे हो रहे हैं, वहां राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य सुनिश्चित करें। सड़क मरम्मत, चौड़ीकरण, संकेत बोर्ड और रोड मार्किंग जैसे कार्यों को जल्द पूर्ण करने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही अगली बैठक में प्रगति प्रतिवेदन के साथ उपस्थित होने का निर्देश भी राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल के अधिकारियों को दिया गया।
उपायुक्त ने दुर्घटना संभावित इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को जागरूक करने के लिए स्थानीय थाना और अंचल की भागीदारी में विशेष बैठक कराने के निर्देश तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों को दिए। चाईबासा शहरी क्षेत्र में टोटो चालकों की शिकायतों पर गंभीरता दिखाते हुए उन्होंने नगरपालिका और परिवहन विभाग को सभी टोटो चालकों के साथ बैठक आयोजित कर उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने तथा नाबालिग, बिना लाइसेंस और बिना पंजीयन वाले वाहनों पर विशेष अभियान चला कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दिसंबर महीने में पिकनिक सीजन के दौरान पिकनिक स्पॉट्स पर वाहनों की सघन जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि अधिकांश दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन शामिल होते हैं और तेज रफ्तार में आमने-सामने की टक्कर से सबसे अधिक जानें जाती हैं। ऐसे में नियमित रूप से दोपहिया वाहनों की जांच, हेलमेट की अनिवार्यता और गति नियंत्रण पर सख्ती बरतने का निर्देश सभी थानों को दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि दुर्घटना वाले स्थानों पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा और बाजार लगने वाले दिनों की शाम में ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। बैठक में सांसद प्रतिनिधि प्रदीप अग्रवाल ने सिंघपोखरिया क्षेत्र में इस वर्ष दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी की जानकारी साझा की, जिस पर उपायुक्त ने तत्काल उस स्थल का निरीक्षण कर सड़क सुरक्षा से जुड़े जरूरी कार्य करने का निर्देश राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल को दिया।
वहीं, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य राजा राम गुप्ता ने एम्बुलेंस की उपलब्धता को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस पर उपायुक्त ने जिले में उपलब्ध सभी एम्बुलेंस के संपर्क सूत्रों को सार्वजनिक स्तर पर जारी करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता मिल सके।बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग, सड़क निर्माण एजेंसियां और अन्य स्टेकहोल्डर्स सामूहिक रूप से काम करेंगे, ताकि जिले में सड़क हादसों की संख्या में प्रभावी कमी लाई जा सके।
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