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Ranchi News: मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना में सरकार ने 18 मरीजों को दी सहायता की स्वीकृति, जानें किन्हें मिलती है आर्थिक मदद

Ranchi News: 50 हजार रुपए से लेकर 20 लाख रुपए तक के प्रस्तावों पर मीटिंग में हुआ विचार

by Mujtaba Haider Rizvi
Jharkhand Chief Minister Serious Illness Treatment Scheme
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Ranchi: झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत 18 मरीजों को इलाज के लिए आर्थिक सहायता की स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति बुधवार को झारखंड स्टेट आरोग्य समिति के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय समिति की बैठक में दी गई है। छवि रंजन ने बताया कि स्वीकृत लाभार्थियों की सूची में ऐसे मरीज शामिल हैं, जिनको कैंसर, किडनी रोग या ब्लड कैंसर है।

स्वीकृति के लिए मंत्री परिषद को भेजा गया एक आवेदन

मीटिंग में तय किया गया कि ₹50 हजार रुपए से अधिक और 20 लाख रुपए तक की अनुशंसा से जुड़े मामलों पर विचार किया जाएगा। एक मरीज के इलाज के लिए 16 लाख रुपए की जरूरत को देखते हुए उसके आवेदन को मंत्री परिषद की स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। अब इस आवेदन पर मंत्री परिषद ही फैसला लेगी। मंत्री परिषद के निर्णय के बाद इस मरीज को मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी।

इन मरीजों को दी गई स्वीकृति

जिन मरीजों को स्वीकृति मिली है उनमें कोलोन कैंसर से पीड़ित सरिता देवी, सर्विक्स कैंसर से पीड़ित शाहिना परवीन, मेटास्टेटिक एडेनोकार्सिनोमा से पीड़ित परेश कुमार शर्मा, कैंसर से पीड़ित लक्ष्मीनाथ साहू, फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित लैलुन खातून, गाल ब्लैडर के एडेनो स्क्वैनस कार्सिनोमा से पीड़ित उषा शर्मा, रेक्टोवैजाइनल फिस्टुला व सर्विक्स कैंसर से पीड़ित जब्साना कैवर्तो, मेटास्टेटिक कोलन कैंसर से पीड़ित मोहम्मद हारुन रशीद, मेटास्टेटिक पेट के कैंसर से पीड़ित अफसाना खातून, मल्टी सिस्टम लैंगर हैंस सेल हिस्टियो साइटोसिस से पीड़ित दिव्यांशु कुमार मेहता, स्टेटिक फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित अजमल अंसारी, स्टेज फोर सर्विक्स कैंसर से पीड़ित उर्मिला करुवा, जंक्शन नामक बीमारी से पीड़ित नरगिस आरा शामिल हैं।

उपचार की लागत के आकलन के बाद ही राज्य को भेजें प्रस्ताव

मीटिंग में यह बात भी सामने आई कि कई मरीजों के आवेदनों में चिकित्सीय स्थिति का साफ जिक्र नहीं है। इस पर झारखंड स्टेट आरोग्य समिति के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया है कि वह मरीज का भौतिक सत्यापन करें या फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जरिए उनकी बीमारी की पुष्टि सुनिश्चित करें। उपचार की लागत के आकलन की जांच के बाद ही मरीज के आवेदन को राज्य स्तरीय समिति को भेजा जाए।

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