देवघर (पालाजोरी): झारखंड के देवघर जिले के पालाजोरी थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की पहचान दुधनी गांव निवासी मेराज अंसारी के रूप में हुई है। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना के चलते युवक की जान गई है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने थाना परिसर का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। वहीं, पुलिस प्रशासन ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।

साइबर ठगी के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, बुधवार को पालाजोरी थाना पुलिस ने मेराज अंसारी को साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसे थाने लाकर पूछताछ शुरू की। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि युवक को लगातार 8 से 10 घंटे तक पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित किया गया।
तबीयत बिगड़ने पर ले जाया गया अस्पताल
पुलिस पूछताछ के दौरान ही मेराज अंसारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में पुलिस ने उसे स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे देवघर सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने लगाए प्रताड़ना के आरोप
मृतक के परिजनों का कहना है कि जब पुलिस मेराज को घर से ले गई थी, तब वह पूरी तरह स्वस्थ था। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उसे घर से उठाते समय भी मारपीट की थी। परिजनों ने सवाल उठाया कि अगर मेराज स्वस्थ था, तो थाना में ही उसकी तबीयत कैसे बिगड़ गई?
स्थानीय लोगों का पुलिस पर गंभीर आरोप
घटना के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग थाना पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पालाजोरी थाना की पुलिस अक्सर आम नागरिकों के साथ बर्बरता करती है और यह घटना उसी की परिणति है। लोगों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस प्रशासन का पक्ष
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय डीएसपी रंजीत लकड़ा ने बताया कि लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, देवघर जिला पुलिस के प्रवक्ता व डीएसपी लक्ष्मण प्रसाद ने कहा कि पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने बताया कि मेराज अंसारी का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारण का खुलासा होगा।
राजनीति ने भी पकड़ा तूल, पूर्व सांसद ने जताई नाराजगी
घटना की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन साथ ही उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। फुरकान अंसारी ने कहा, “साइबर अपराध के नाम पर पुलिस जिस तरीके से आम लोगों को प्रताड़ित कर रही है, वह बेहद निंदनीय है। प्रशासन को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष की जान न जाए।”
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरा मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिका हुआ है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है। वहीं, परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।

