रांची : झारखंड में विधानसभा चुनाव 2024 के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ निर्दलीय मैदान में उतरे निरंजन राय को मनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। भाजपा के बड़े नेता, असम के मुख्यमंत्री और झारखंड भाजपा के चुनाव सह प्रभारी हिमंता बिस्वा सरमा और गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे, रांची में निरंजन राय के आवास पर पहुंचे।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेता पूजा-पाठ के बहाने राय से मिलने गए थे, लेकिन बंद कमरे में करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। इस दौरान उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़ने से हटने और भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल मरांडी का समर्थन करने के लिए मनाने का प्रयास किया गया।
राय को दिया उचित सम्मान का भरोसा
जानकारी के अनुसार, भाजपा नेताओं ने निरंजन राय को भरोसा दिलाया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो उन्हें पार्टी में उचित सम्मान और पहचान दी जाएगी। बातचीत के बाद हिमंता सरमा और निशिकांत दुबे निरंजन राय को अपने साथ हेलीकॉप्टर में ले गए।
क्या मान गए निरंजन राय?
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि निरंजन राय भाजपा नेताओं के समर्थन में आ सकते हैं। अगर वे नहीं मानते, तो शायद भाजपा नेताओं के साथ नहीं जाते। ऐसा माना जा रहा है कि उन्हें भाजपा के किसी बड़े नेता से मुलाकात कराने के लिए ले जाया गया है।
भाजपा के लिए क्यों अहम हैं निरंजन राय?
निरंजन राय भूमिहार समुदाय से आते हैं और उनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। वे एक सफल कॉन्ट्रैक्टर और समाजसेवी भी हैं। उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने से भाजपा को सीधे नुकसान हो सकता है, खासकर बाबूलाल मरांडी के खिलाफ।
जब राय ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की, तो गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने उन्हें मनाने की कोशिश की थी। हालांकि बात नहीं बनी, और निरंजन ने नामांकन दाखिल कर दिया।
भाजपा की बढ़ी चिंता
अब, जब राय चुनाव मैदान में हैं और जनता का समर्थन भी मिलने लगा है, भाजपा के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। पार्टी उन्हें हर हाल में चुनाव मैदान से हटाने की कोशिश में जुटी हुई है।
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