Jamshedpur : नेक्स्ट जेनरेशन गैल्वनाइज़्ड एवं कलर कोटेड स्टील्स पर आधारित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन गाल्वानेक्स्ट-2026 का भव्य शुभारंभ गुरुवार को जमशेदपुर के होटल विवांता में हुआ। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में भारत समेत विभिन्न देशों से आए 70 से अधिक संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाले 300 से ज्यादा प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल हुए।

उद्घाटन सत्र में सीएसआईआर–नेशनल मेटलर्जिकल लैबोरेटरी के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि इंडिया लेड एंड जिंक डेवलपमेंट एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स के पूर्व अध्यक्ष एल. पुगलेंथी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
सम्मेलन के मंच पर टाटा स्टील के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी डॉ. अतनु रंजन पाल, टाटा ब्लूस्कोप के प्रबंध निदेशक एवं सम्मेलन अध्यक्ष प्रवीन वी. थम्पी, तथा सीएसआईआर-एनएमएल के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. गोपी किशोर मंडल विशेष रूप से मौजूद रहे।
सम्मेलन अध्यक्ष प्रवीन वी. थम्पी ने अपने संबोधन में उन्नत गैल्वनाइजिंग प्रक्रियाओं, मेटैलिक एवं ऑर्गेनिक कोटिंग्स, संक्षारण संरक्षण, डिजिटलाइजेशन, हरित प्रौद्योगिकियों और भविष्य के लिए तैयार सामग्रियों पर विचार-विमर्श की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. अतनु रंजन पाल ने गाल्वानेक्स्ट-2026 को उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान के बीच सहयोग का सशक्त मंच बताते हुए स्वदेशी तकनीकों के विकास पर बल दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. संदीप घोष चौधरी ने कहा कि अगली पीढ़ी की गैल्वनाइजिंग और कलर-कोटिंग तकनीकें अवसंरचना विकास, उत्पादों की दीर्घायु और डीकार्बनाइजेशन लक्ष्यों को हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।
वहीं विशिष्ट अतिथि एल. पुगलेंथी ने सम्मेलन को अनुसंधान और औद्योगिक अनुप्रयोगों के बीच सेतु बताते हुए जिंक उत्पादन में भारत की आत्मनिर्भरता की सराहना की।
सम्मेलन के पहले दिन डॉ. फ्रैंक ई. गुडविन (इंटरनेशनल जिंक एसोसिएशन) और डॉ. शुभ गौतम (अमेरिकन प्रीकोट ग्रुप) के प्लेनरी व्याख्यान, पैनल चर्चा और तकनीकी सत्रों के माध्यम से गैल्वनाइज्ड एवं कलर-कोटेड स्टील्स से जुड़ी नवीन तकनीकों, चुनौतियों और भविष्य की जरूरतों पर गहन मंथन किया गया।

