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Jharkhand Government: महिला एवं युवाओं के लिए सरकार चला रहीं कई योजनाएं, मुख्यमंत्री ने विस्तार से दी जानकारी

by Kanchan Kumar
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रांची। झारखंड में महिला एवं युवाओं के लिए सरकार कई योजनाएं चला रहीं हैं। कुछ और महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को राज्य की प्रगति, योजनाओं और भविष्य की दिशा पर विस्तार से जानकारी दी।

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि पिछले छह वर्षों में राज्य का बजट 86 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये हो गया है, जो करीब 85 प्रतिशत की वृद्धि है। उन्होंने बताया कि वित्तीय प्रबंधन के मामले में झारखंड अब देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। सामाजिक सुरक्षा के तहत सर्वजन पेंशन योजना का दायरा बढ़ाकर 36 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं और महिलाओं को माइक्रो इंटरप्राइज शुरू करने के लिए 5 करोड़ रुपये तक का कैपिटल इसेंटिव देने की योजना पर हम काम कर रहे हैं। राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के द्वारा उत्पादित वस्तुओं की पलाश और आदीवा ब्रांड नाम से बाजार तक पहुंच सुनिश्चित कर रही है।

इन ब्रांड्स को और मजबूत बनाने के लिए हम नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिजाईन से जोड़ते हुए आगे बढाएंगे। उन्होंने कहा कि हम मदद बांटने वाली सरकार नहीं हैं, बल्कि हम अवसर बनाने वाली सरकार हैं।

सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के तहत खुलेंगे 100 नए स्कूल

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस शुरू किए जा चुके हैं और 100 नए स्कूल खोले जाएंगे। चतरा में डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। इसके अलावा नए डिग्री कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना है। विदेश में पढ़ाई के लिए छात्रों को स्कॉलरशिप भी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने एक कार्यकाल में तीन जेपीएससी परीक्षाएं आयोजित की गई हैं और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि तकनीक और विकास के क्षेत्र में सीएम डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जिससे योजनाओं की निगरानी होगी। राज्य में आईटी पार्क और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना है। ऊर्जा के क्षेत्र में भी स्वच्छ ऊर्जा पर काम किया जाएगा।

सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए गुरुजी मेमोरियल बनाया जाएगा और कई ऐतिहासिक स्थलों को विकसित किया जाएगा। प्रवासी मजदूरों और नागरिकों की मदद के लिए अन्य राज्यों और विदेशों में सहायता केंद्र खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर मनरेगा के बकाया फंड और मजदूरी दरों को लेकर सवाल उठाए। साथ ही विपक्ष पर सदन से अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया।

विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार यह सत्र 112 प्रतिशत कार्यक्षमता के साथ चला। कुल 66 घंटे के निर्धारित समय के मुकाबले लगभग 74 घंटे काम हुआ। इस दौरान झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 भी पारित किया गया और पहली बार नेवा ई-विधान प्रणाली का उपयोग किया गया।

महिलाओं और बच्चियों के लिए इस वर्ष 34 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान

मंईयां सम्मान योजना से 50 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल रहा है। महिलाओं और बच्चियों के लिए इस वर्ष 34 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि झारखंड देश का एकमात्र राज्य है जिसने सामाजिक सुरक्षा पेंशन को व्यापक रूप से लागू किया है। 2019 में जहां भारत सरकार की सहायता से लगभग 11-12 लाख लोगों को पेंशन मिल रही थी, वहीं आज राज्य में सर्वजन पेंशन योजना से जुड़कर 36 लाख से अधिक लोग लाभ ले रहे हैं।

हमने एकल महिलाओं और परित्यक्ता महिलाओं की पीड़ा को समझते हुए उन्हें भी इस दायरे में शामिल किया-यह केवल योजना नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन का उदाहरण है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत 14,065 करोड़ का प्रावधान महिलाओं के सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी झारखंड ने एक मिसाल कायम किया है। जहां कई राज्यों में यह केवल चुनावी वादा बनकर रह गया, वहीं हमने इसे धरातल पर उतारा।

धरातल पर उतरेंगी मंईयां बलवान और मंईयां उद्यमी योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंईयां योजना के तहत 20,000 करोड़ की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आज झारखंड देश का वह राज्य है जो अपने बजट का सर्वाधिक प्रतिशत महिलाओं और बच्चों पर खर्च कर रहा है-यह हमारे संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत 14,065 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और कुल मिलाकर 34 हजार करोड़ रुपये महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए खर्च होंगे।

उन्होंने कहा कि मेरे लिए यही असली राजनीति है। मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों और वंचित समाज के लोगों को आजीविका से जोड़ने के लिए जोहार परियोजना का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। इसके अन्तर्गत अगले 03 साल में पूरे राज्य में सभी मंईयां और वंचित समाज के युवाओं में आजीविका और उद्यमिता को बढ़ाने के लिए खास तौर पर मंईयां बलवान योजना और मंईयां उद्यमी योजना को अलग-अलग समय में धरातल पर उतारा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हम इस पहल को अगले स्तर पर ले जा रहे हैं।

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