रांची। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा या जीत-हार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह जीवन में अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त जरिया है। उन्होंने खिलाड़ियों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
राज्यपाल रांची के होटवार स्थित मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव इंडोर स्टेडियम में आयोजित 28वीं सब-जूनियर राष्ट्रीय सेपक टकरा चैंपियनशिप–2026 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सेपक टकरा जैसे खेल देश में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और झारखंड इस क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रहा है। इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करते हैं, साथ ही विभिन्न राज्यों के बीच आपसी सद्भाव और एकता को भी मजबूत करते हैं।
राज्यपाल ने केंद्र सरकार की “खेलो इंडिया” योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल ने देश में खेलों को नई दिशा दी है। इससे युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं और वे अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर पा रहे हैं।
हार-जीत खेल का हिस्सा है, निरंतर अभ्यास जारी रखें
उन्होंने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि हार-जीत खेल का हिस्सा है, लेकिन निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण से ही सफलता हासिल होती है। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और अन्य प्रतिभागियों को भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
समारोह के अंत में राज्यपाल ने आयोजन समिति, प्रशिक्षकों और सहयोगियों की सराहना करते हुए सफल आयोजन के लिए बधाई दी तथा सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
क्या होता है सेपक टकरा
सेपक टकरा (Sepak Takraw) एक लोकप्रिय खेल है, जो वॉलीबॉल की तरह खेला जाता है, लेकिन इसमें खिलाड़ी हाथों का उपयोग नहीं करते, बल्कि पैर, सिर, छाती और कंधे से गेंद को मारते हैं। यह खेल मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया (थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया) में बहुत लोकप्रिय है।
“Sepak” का मतलब होता है लात मारना (kick) और “Takraw” का मतलब है गेंद। यानी, यह एक ऐसा खेल है जिसमें गेंद को पैरों से खेला जाता है।
इसमें दो टीमें होती हैं, हर टीम में आमतौर पर 3 खिलाड़ी होते हैं। बीच में एक नेट (जाल) होता है, जैसे वॉलीबॉल में। खिलाड़ी गेंद को नेट के ऊपर से विरोधी टीम के कोर्ट में गिराने की कोशिश करते हैं। गेंद जमीन पर गिर गई तो पॉइंट मिल जाता है। इसमें खिलाड़ियों की फुर्ती, संतुलन और लचीलापन बहुत महत्वपूर्ण होता है।

