रांची : राज्य सरकार ने समूह ‘घ’ कर्मियों को समूह ‘ग’ में पदोन्नति देने के लिए नई नियमावली लागू कर दी है। राज्यपाल के आदेश पर कार्मिक विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार, अब सचिवालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और समाहरणालयों में निम्नवर्गीय लिपिक तथा कनीय सचिवालय सहायक के 15 प्रतिशत पद सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से भरे जाएंगे। इस नियमावली का नाम झारखंड राज्य समूह ‘घ’ से समूह ‘ग’ (निम्नवर्गीय लिपिक/कनीय सचिवालय सहायक) पदोन्नति हेतु सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली- 2026 रखा गया है।
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नई व्यवस्था के तहत सचिवालय, संलग्न कार्यालयों, विभिन्न विभागों के क्षेत्रीय कार्यालयों तथा समाहरणालयों में कार्यरत चतुर्थवर्गीय कर्मचारी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। सचिवालय में कार्यरत समूह ‘घ’ कर्मी केवल कनीय सचिवालय सहायक पद के लिए आवेदन कर सकेंगे, जबकि क्षेत्रीय कार्यालयों और समाहरणालयों के कर्मी अपने विभाग में निम्नवर्गीय लिपिक पद के लिए पात्र होंगे। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ऑनलाइन रूप से सीमित प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन विभिन्न परीक्षा केंद्रों में करेगा। नई व्यवस्था से लंबे समय से फोर्थ ग्रेड कर्मियों के प्रमोशन का रास्ता साफ करेगा।
पात्रता की शर्तें
आवेदक कर्मियों की सेवा संपुष्ट होनी चाहिए और आवेदन की तिथि तक संबंधित पद पर लगातार 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होना अनिवार्य है। साथ ही उनके विरुद्ध कोई विभागीय अथवा आपराधिक कार्रवाई लंबित नहीं होनी चाहिए, वह निलंबित न हो तथा उसके विरुद्ध कोई दंड प्रभावी न हो। सचिवालय के कनीय सचिवालय सहायक पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई है, जबकि क्षेत्रीय कार्यालयों और समाहरणालयों के निम्नवर्गीय लिपिक पद के लिए इंटरमीडिएट अथवा 10+2 उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा।
दो चरणों में होगी परीक्षा
परीक्षा दो चरणों में आयोजित होगी पहले चरण लिखित और दूसरा चरण में हिंदी टंकण की परीक्षा होगी। कंप्यूटर आधारित परीक्षा के रूप में आयोजित होगी और सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय होंगे। प्रथम चरण लिखित होंगे जिसमें 100 प्रश्न पूछे जाएंगे, कुल 300 अंक निर्धारित होंगे तथा परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट होगी। सामान्य अध्ययन से 25 प्रश्न होंगे 75 अंक के, झारखंड सामान्य ज्ञान से 15 प्रश्न कुल 45 अंक के, हिंदी शुद्ध से 20 प्रश्न कुल अंक 60, कार्यालय संचालन से 20 प्रश्न कुल 60अंक तथा कंप्यूटर ज्ञान से 20 प्रश्न कुल 60 अंक के पूछे जाएंगे। प्रत्येक सही उत्तर पर 3 अंक मिलेंगे, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाएगा। दूसरा चरण में हिंदी टंकण की परीक्षा होगी। इसमें उत्तीर्ण होने वाले के आधार पर ही मेघा सूची जारी होगी। समान अंक लाने वाले को उम्र के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी।
अलग-अलग वर्गों के लिए न्यूनतम अहर्ता अंक तय
अनारक्षित एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 40 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग-2 के लिए 36.5 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत, अनुसूचित जाति/जनजाति तथा महिला अभ्यर्थियों के लिए 32 प्रतिशत और आदिम जनजाति समूह के लिए 30 प्रतिशत न्यूनतम अर्हता अंक निर्धारित किए गए हैं। रिक्तियों का निर्धारण हर वर्ष 1 जनवरी की स्थिति पर होगा संबंधित विभाग रोस्टर स्वीकृति के बाद रिक्तियों का वर्गवार विवरण कार्मिक विभाग के माध्यम से आयोग को भेजेंगे। सचिवालय, क्षेत्रीय कार्यालय और समाहरणालयों की रिक्तियों को अलग-अलग समेकित कर अधियाचना भेजी जाएगी।
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