Jamshedpur : षटतिला एकादशी के पावन अवसर पर बुधवार को जमशेदपुर पूरी तरह भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया। सोनारी के दोमुहानी और मानगो स्थित स्वर्णरेखा नदी घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पवित्र स्नान कर तिल, अन्न, वस्त्र एवं धन का दान किया और पुण्य लाभ अर्जित किया।
नदी घाटों पर “हरि नाम” और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बुजुर्ग श्रद्धालु स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते नजर आए। मान्यताओं के अनुसार षटतिला एकादशी का व्रत रखने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। इस दिन तिल का विशेष महत्व बताया गया है, जिसके दान और उपयोग से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
पंडित संजय तिवारी के अनुसार, इस वर्ष षटतिला एकादशी का महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि यह वर्ष की पहली एकादशी है और मकर संक्रांति के साथ दुर्लभ संयोग बना है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक 14 जनवरी को दोपहर तीन बजे के बाद सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे व्रत और दान का पुण्यफल कई गुना बढ़ जाता है। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग जैसे शुभ संयोग धार्मिक कार्यों को विशेष फलदायी बनाते हैं।
इन्हीं धार्मिक मान्यताओं और शुभ योगों के कारण जमशेदपुर के नदी तटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा और पूरा क्षेत्र दिनभर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

