रांची : विधायक अम्बा प्रसाद को पिछले तीन दिनों में दूसरी बार अस्पताल में एडमिट होने की नौबत आ गयी। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को भी फीवर, थकान की परेशानियों के कारण अम्बा को पतरातू स्थित सीसीएल अस्पताल में एडमिट होना पड़ा था। वहां डॉक्टरों ने वायरल फिवर होने की बात कही। कुछ जरूरी दवाईयां दीं और आराम भी बनाए रखने को कहा पर कुछ देर अस्पताल में रहने के बाद वे फिर से क्षेत्र में निकल गयीं। उनके करीबियों की मानें तो शनिवार की से वे क्षेत्र में बनी हुई हैं। हालांकि कुछ जरूरी दवाईयां भी ले रही हैं। इससे पहले 2 अक्टूबर को भी अम्बा के बीमार होने और सीसीएल अस्पताल, पतरातू (रामगढ) में एडमिट होने की सूचना आयी थी। खुद अम्बा ने एक्स पर इसे पोस्ट भी किया था।
झारखंड के पतरातू प्रखंड क्षेत्र में चल रहे विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विधायक अंबा प्रसाद की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और समर्थकों में चिंता की लहर दौड़ गई। विधायक की बिगड़ती तबीयत के पीछे अत्यधिक थकान और लगातार बिना आराम किए काम करने की वजह मानी जा रही है।
दरअसल, विगत कुछ दिनों से विधायक अंबा प्रसाद लगातार क्षेत्र में योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर रही थीं। इससे पहले भी वह रांची में विभागीय कार्यों के निपटारे के लिए सक्रिय रहीं, जिसके चलते उन्हें पर्याप्त आराम का समय नहीं मिल पाया। डॉक्टरों के अनुसार, अधिक कार्यभार और शरीर को पर्याप्त आराम न मिलने से उनकी तबीयत पर असर पड़ा है। यही कारण है कि कुछ समय पहले भी अत्यधिक थकान के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।
डॉक्टरों की सलाह की अनदेखी बना कारण
विधायक अंबा प्रसाद की तबीयत इससे पहले भी बिगड़ चुकी है। पिछले सप्ताह जब उनकी तबीयत खराब हुई थी, तब उन्हें अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया गया था। डॉक्टरों ने अत्यधिक थकान और आराम न मिलने को कारण बताया था और सलाह दी थी कि कुछ दिनों तक पूरी तरह से आराम करें। हालांकि, जनप्रतिनिधि होने के नाते अपने क्षेत्र की जिम्मेदारियों और योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के कार्यों को पूरा करने की जल्दबाजी में उन्होंने चिकित्सकीय परामर्श का सही से पालन नहीं किया। डॉक्टरों का मानना है कि विधायक ने क्षेत्र के विकास कार्यों में खुद को इतना व्यस्त कर लिया कि उनके पास आराम करने का भी समय नहीं रहा। अत्यधिक भागदौड़ और कार्य के दबाव ने उनकी सेहत पर बुरा असर डाला है, जिससे उनकी स्थिति फिर बिगड़ गई।
जनता के बीच चिंता और शुभकामनाएं
अंबा प्रसाद की तबीयत बिगड़ने की खबर सुनते ही समर्थकों और क्षेत्र की जनता में चिंता की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की और सोशल मीडिया पर भी उनके जल्द स्वस्थ होने के संदेशों की बाढ़ आ गई। क्षेत्र में लोगों का कहना है कि विधायक अंबा प्रसाद ने अपने स्वास्थ्य को दरकिनार कर हमेशा जनता के हित में कार्य किया है, लेकिन अब उन्हें अपनी सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए।
विकास योजनाओं की देखरेख से जुड़ी जिम्मेदारी
गौरतलब है कि विधायक अंबा प्रसाद पिछले कुछ दिनों से लगातार विभिन्न विभागों के कामों की स्वीकृति कराने के लिए रांची में सक्रिय थीं। इसके बाद, क्षेत्र में विकास योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रमों की श्रृंखला चल रही थी। इन कार्यों को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए उन्होंने लगातार दौरे किए, जिससे उन्हें आराम का समय नहीं मिल पाया।
डॉक्टरों ने फिर दी आराम की सलाह
इस बार फिर से अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है और कहा है कि यदि वह स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखेंगी तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। डॉक्टरों ने परिजनों और सहयोगियों को भी यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि वह अगले कुछ दिनों तक किसी भी शारीरिक या मानसिक दबाव में न रहें।
सर पर विधानसभा चुनाव
कहा जा रहा कि अगले कुछ दिनों में झारखंड में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है। ऐसे में अम्बा प्रसाद की कोशिश है कि हर हाल में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच हो। अधिक से अधिक कार्यक्रमों में शामिल हुआ जाए। बड़कागांव सीट के लिए फिर से वे कांग्रेस की कैंडिडेट बनने का प्रयास कर रही हैं।
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