Jamshedpur : झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग के नगर निकाय चुनाव का एलान करने के साथ ही जिन इलाकों में नगर निकाय चुनाव हो रहे हैं वहां आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। झारखंड में कुल 48 नगर पालिकाओं, नौ नगर निगम, 20 नगर परिषद, 19 नगर पंचायतों के कुल 1087 वार्डों में वार्ड पार्षदों आदि का चुनाव गैर दलीय आधार पर होगा।नगर निकाय चुनाव कुल 4304 मतदान केंद्रों पर संपन्न कराया जाएगा। यह मतदान केंद्र 2129 भवनों में हैं। नगर निकाय चुनाव में कुल 43 लाख 33574 मतदाता भाग लेंगे। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 22 लाख 7203, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 21 लाख 26 हजार 227 है। थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 144 है।

पांच लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे वार्ड पार्षद
झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार ऐसे नगर निगम जिनकी जनसंख्या 10 लाख या इससे अधिक है, वहां के महापौर (मेयर) के उम्मीदवार चुनाव में 25 लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे। जबकि वार्ड पार्षद के खर्च की सीमा पांच लाख रुपए तक रखी गई है। ऐसे नगर निगम जिनकी आबादी 10 लाख से कम है। वहां के मेयर चुनाव में अधिकतम 15 लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे।
जबकि वार्ड पार्षद तीन लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे। वहीं नगर परिषद के अध्यक्ष की चुनावी सीमा भी तय कर दी गई है। ऐसे नगर परिषद जिनकी आबादी एक लाख या उससे अधिक है, वहां के नगर परिषद अध्यक्ष पद के उम्मीदवार चुनाव में 10 लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे। जबकि वार्ड पार्षद दो लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे। ऐसे नगर परिषद जिनकी आबादी एक लाख से कम है। वहां के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार 6 लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे।
यहां के वार्ड पार्षद की चुनावी खर्च की सीमा डेढ़ लाख रुपए तक रखी गई है। नगर पंचायत के लिए भी चुनावी खर्च की सीमा निर्धारित कर दी गई है। नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार पांच लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे। जबकि, वार्ड पार्षद के लिए यह सीमा एक लाख रुपए निर्धारित की गई है।
पूरी चुनावी प्रक्रिया की कराई जाएगी वीडियोग्राफी
इस संबंध में दिशा निर्देश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेश से राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने मंगलवार को जारी किया है। दिशा निर्देश में बताया गया है कि निर्वाचन के सारे आयोजनों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वह वीडियोग्राफी दल का गठन करें और नामांकन भरने की प्रक्रिया, नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया, चुनाव प्रचार अभियान, मीटिंग, उम्मीदवारों की सभा, जुलूस और मतगणना की वीडियो ग्राफी कराएं। मतगणना केंद्रों और वज्र गृह स्थापित मतदान के बाद मत पेटिकाओं को मतगणना केंद्र के वज्र गृह में रखा जाएगा। इसके लिए सभी जिलों के उपायुक्त को निर्देश दिया गया है कि वह मतगणना केंद्र और वज्र गृह की सुरक्षा व्यवस्था देखें।
वज्रगृह की सुरक्षा होगी चाक-चौबंद
यहां पर चुनाव के बाद मत पेटिकाओं को रखा जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से बताया गया है कि सभी जिलों में मतदान केंद्र और वज्र गृह स्थापना का काम पूरा किया जा सकता है। सभी जिलों में मतदान दलों के गठन और उनके रेंडमाइजेशन के लिए कंप्युटरीकृत प्रक्रिया अपनाई जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव के लिए प्रेक्षक की नियुक्ति करेगा और रैंडमाइजेशन का काम प्रेक्षक की उपस्थिति में ही कराया जाएगा।
वोटरों को धमकाया तो होगी कार्रवाई
आयोग की तरफ से निर्देश दिया गया है कि कोई भी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को निर्वाचन में भाग लेने पर भयभीत नहीं करे। अगर ऐसा कोई करता है तो उसके खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसा इसलिए निर्देश दिया जा रहा है ताकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सदस्य निर्भीक होकर मतदान प्रक्रिया में भाग लें।
बैलट पेपर से होंगे चुनाव
नगर निकाय चुनाव बैलट पेपर के जरिए होगा। सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारीयों को आयोग की तरफ से मत पेटिका उपलब्ध करा दी गई है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होने के बाद नामांकन पत्रों की प्रिंटिंग का काम शुरू किया जाएगा। आयोग ने डीसी को निर्देश दिया है कि सभी मत पेटिका तैयार रखें और मतदान कर्मियों व मतगणना कर्मियों को मत पेटिका के प्रयोग के लिए प्रशिक्षण दें।
तैनात होंगे सामान्य व व्यय प्रेक्षक
नगर निकाय चुनाव संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग सभी निर्वाचन क्षेत्र के लिए सामान्य प्रेक्षक और वह प्रेक्षक की नियुक्ति करेगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर निगरानी के लिए व्यय प्रेक्षक नियुक्त किए जा रहे हैं। 16 जनवरी को दिया गया था उप निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से बताया गया है कि नगर निकाय चुनाव संपन्न कराने के लिए सभी जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी और सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को 16 जनवरी को रांची में आयोग के कार्यालय में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सभी निर्वाचित पदाधिकारी सहायक निर्वाचित पदाधिकारियों को 22 जनवरी को भी गहन प्रशिक्षण दिया गया है।
मतदान केंद्र और वज्र गृह में रहेगी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था
राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से डीजीपी को चुनाव की तारीखों से अवगत करा दिया गया है। बीजेपी से कहा गया है कि वह निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान मतदान केंद्र, मतगणना केंद्र और मत पेटिका के वज्र गृह की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करें। ताकि शांतिपूर्ण व निष्पक्ष तरीके से निर्वाचन संपन्न कराया जा सके

