Bokaro : दिल्ली पब्लिक स्कूल बोकारो के छात्रों ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया। यूपीएससी सीएसई 2025 में स्कूल के तीन-तीन पूर्व छात्रों ने बेहतरीन रैंक के साथ कामयाबी दर्ज की है और तीनों आईएएस अधिकारी बनने की अर्हता प्राप्त कर चुके हैं। अपूर्वा ने देशभर में 42वां स्थान हासिल किया है। इसके अलावा 2018 बैच की छात्रा रही तेजस्विनी सिंह ने भी देशभर में 62वीं रैंक पाकर सफलता का परचम लहराया है। 2015 बैच के छात्र रहे शुभम कुमार महतो ने 142वां स्थान पाकर आईएएस अधिकारी बनने की अपनी मुराद पूरी की। प्राचार्य डॉ. एएस गंगवार ने कहा कि जब नींव मजबूत होती है, तो इमारत शानदार बनती है। डीपीएस बोकारो में शुरू से मिले समग्र विकास केंद्रित बुनियादी शिक्षण का यह परिणाम है कि आज हर क्षेत्र में यहां से निकले बच्चे बोकारो का नाम देश-विदेश में गौरवान्वित कर रहे हैं।

दिल्ली में एसीपी हैं अपूर्वा, तीसरे प्रयास में बनीं आईएएस
एआईआर 42 हासिल करने वाली कक्षा सातवीं से 12वीं तक डीपीएस बोकारो के चेनाब हाउस की होनहार छात्रा रही अपूर्वा वर्मा दिल्ली पुलिस में एसीपी (सहायक पुलिस आयुक्त) हैं। सेवा में रहते हुए बेहतरी का प्रयास जारी रखा और तीसरे प्रयास में आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा कर ही लिया।
तेजस्विनी को पहले प्रयास में ही मिली सफलता
ऑल इंडिया रैंक 62 पाने वाली तेजस्विनी सिंह बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में तेजस्वी और बहुआयामी थी। खास बात यह है कि पहले ही प्रयास में तेजस्विनी ने यूपीएससी में सफलता प्राप्त कर ली। बोकारो स्टील प्लांट के महाप्रबंधक प्रभारी (एमआरडी) राजेश कुमार एवं बीएस सिटी कॉलेज में वनस्पति विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. पल्लवी प्रवीण की पुत्री तेजस्विनी ने डीपीएस बोकारो में नर्सरी से लेकर 12वीं तक की अपनी शैक्षिक यात्रा पूरी की। स्कूल के शिक्षकों एवं उनके परिजनों ने बताया कि तेजस्विनी बचपन से ही विभिन्न सह-शैक्षिक गतिविधियों- नृत्य, वाद-विवाद आदि गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया करती थी। उसने पढ़ाई के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के नए आयाम हासिल किए।
यूपीएससी के पहले इंजीनियरिंग और प्रबंधन में भी उसने शानदार सफलता अर्जित की है। स्कूल की रावी हाउस की छात्रा रही तेजस्विनी ने 2018 में डीपीएस बोकारो से 12वीं करने के बाद बीआईटी मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इस बीच मैनेजमेंट की भी तैयारी करती रही और आईआईएम कैट में 99.84 परसेंटाइल के साथ दोहरी कामयाबी पाई। तेजस्विनी और उसके माता-पिता ने उसकी सफलता के पीछे डीपीएस बोकारो के आधारभूत योगदान को आधारस्तंभ बताया।
थर्ड अटेम्प्ट में शुभम हुए सफल
यूपीएससी में इस बार 142वीं रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी की योग्यता प्राप्त करने वाले शुभम कुमार महतो का मानना है कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत और लगन जरूरी है। इसका अनुभव उसने स्वयं के प्रयासों के साथ साझा किया। कहा कि यूपीएससी सीएसई 2023 में पहली बार उसने 857वीं रैंक पाई थी। 2024 में 606वीं रैंक पाई और इस बार अपने तीसरे प्रयास में लंबी छलांग लगाते हुए देशभर में 142वां स्थान प्राप्त किया।
डीपीएस बोकारो के 2015 बैच के विद्यार्थी शुभम ने कहा कि समाज और देश में बदलाव लाने के उद्देश्य से ही उसकी दिली तमन्ना शुरू से ही एक आईएएस अधिकारी बनने की थी, जो इस बार साकार हो सकी। उसने इसके लिए स्कूल के शिक्षकों से मिले मार्गदर्शन और अपने माता-पिता के योगदान को श्रेय दिया है। मूलतः बाघमारा (धनबाद) के जमुआटांड़, डुमरा निवासी बीसीसीएलकर्मी हीरालाल महतो एवं गृहिणी मंजू देवी के पुत्र शुभम ने डीपीएस बोकारो से निकलकर बीएचयू, बनारस से बीटेक कर माइनिंग इंजीनियरिंग की, जिसमें वह गोल्ड मेडलिस्ट रहे।
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