घाटशिला, कालचिती पंचायत: घाटशिला प्रखंड के कालचिती पंचायत अंतर्गत डायनमारी गांव के लोग पिछले एक सप्ताह से अंधेरे में जीवन बिताने को विवश हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में जहां एक ओर तापमान लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर गांव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी है। गांव में लगा 100 केवी का ट्रांसफार्मर पिछले सप्ताह तेज आंधी-तूफान और वज्रपात के चलते जल गया था, जिसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा विद्युत विभाग को तत्काल दी गई, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

सांप का भय, अंधेरे में जी रहे ग्रामीण
डायनमारी गांव पहाड़ों की गोद में बसा हुआ है, जहां रात होते ही सांपों के निकलने का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं रहने के कारण शाम होते ही लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो जाते हैं। अंधेरे के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। गांव के खोगेन महतो ने बताया कि बीते सप्ताह तेज आंधी और वज्रपात के कारण ट्रांसफार्मर जल गया था, जिसके बाद से पूरा गांव अंधेरे में डूबा हुआ है।
विभागीय लापरवाही से नाराज ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि विद्युत विभाग को कई बार सूचना देने के बावजूद अब तक कोई मिस्त्री या तकनीकी दल गांव में नहीं पहुंचा है। विभागीय पदाधिकारी से संपर्क करने पर बताया गया कि मंगलवार या बुधवार तक मिस्त्री भेजकर ट्रांसफार्मर को मरम्मत कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि इतनी गंभीर समस्या के बावजूद विभाग की ओर से तत्काल कोई पहल नहीं की गई।
पहले भी की गई थी लेबलिंग की मांग
खोगेन महतो ने बताया कि डायनमारी गांव पहाड़ के तराई क्षेत्र में स्थित है। यहां थोड़ी भी तेज हवा चलने पर बिजली व्यवस्था ठप हो जाती है। ग्रामीणों की ओर से पहले भी बुरुडीह से लेकर डायनमारी तक बिजली लाइन की लेबलिंग कराने की मांग की गई थी, ताकि बार-बार बिजली बाधित न हो। लेकिन विभाग द्वारा अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही बिजली लाइन की मजबूत लेबलिंग कराई जाए, जिससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में बार-बार बिजली गुल न हो।

