रांची : झारखंड में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अधिकारियों की तैनाती नहीं होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। ऊर्जा विभाग में सचिव का पद पिछले लगभग चार माह से रिक्त है। अविनाश कुमार के मुख्य सचिव बनने के बाद अब तक ऊर्जा विभाग में किसी भी वरीय भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी की पदस्थापना नहीं की गई है। यह पद 1 अक्टूबर से ही खाली है।
इसके अलावा झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक (एमडी) और झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जेयूवीएनएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के महत्वपूर्ण पद भी रिक्त हैं। उल्लेखनीय है कि जेयूवीएनएल के सीएमडी का पद ऊर्जा सचिव के पास ही होता है।
इन पदों के रिक्त रहने के कारण विभाग की कई वित्तीय फाइलें लंबित हैं और विकास कार्यों पर भी असर पड़ा है। जेबीवीएनएल में एमडी नहीं होने से कई टेंडर अंतिम रूप नहीं ले पा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, ऊर्जा विभाग के अंतर्गत निगमों में एमडी और सीएमडी के पद खाली रहने से अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। मिली जानकारी के अनुसार, पदों की रिक्तियों को लेकर कार्मिक विभाग ने सूची तैयार कर उच्च स्तर पर फाइल भेजी है, लेकिन अब तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है।

