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Jharkhand RIMS Big News : रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार पद से हटाए गए, जानें क्या है वजह

by Anand Mishra
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रांची : झारखंड की राजधानी रांची में स्थित राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रिम्स (RIMS) के निदेशक डॉ. राजकुमार को उनके पद से गुरुवार देर रात हटा दिया गया। यह निर्णय रिम्स शासी परिषद द्वारा लिया गया, जिसके अध्यक्ष राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि डॉ. राजकुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान मंत्रिपरिषद, शासी परिषद और स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया, जिससे उनकी सेवा असंतोषजनक मानी गई।

रिम्स अधिनियम का उल्लंघन बना हटाने का आधार

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रिम्स अधिनियम-2002 के अंतर्गत संस्थान को संचालित करने के जो उद्देश्य निर्धारित हैं, उन्हें पूरा करने में डॉ. राजकुमार विफल रहे। इसी के चलते उन्हें तीन महीने का वेतन और भत्ता देते हुए तत्काल प्रभाव से पद से हटाने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्वीकृति भी प्राप्त है।

नियुक्ति से हटाने तक का सफर

गौरतलब है कि डॉ. राजकुमार को 31 जनवरी 2024 को झारखंड सरकार द्वारा रिम्स निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ में न्यूरोलॉजी विभाग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल 2025 को रिम्स शासी परिषद की 59वीं बैठक के दौरान डॉ. राजकुमार और परिषद के सदस्यों के बीच कुछ मुद्दों पर टकराव हुआ था। यह विवाद ही उनके हटाए जाने की भूमिका बना।

वर्तमान में टूर पर, प्रभार डॉ. शशिबाला सिंह को

डॉ. राजकुमार वर्तमान में दिल्ली में टूर पर हैं और उन्होंने निदेशक का प्रभार रिम्स डीन डॉ. शशिबाला सिंह को सौंप दिया है। संपर्क करने पर डॉ. राजकुमार ने बताया कि उन्हें पत्र मिला है जिसमें हटाए जाने की जानकारी दी गई है, लेकिन कारण की स्पष्ट जानकारी उन्हें नहीं है।

निदेशक की कार्यशैली पर उठे सवाल

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “मैं यहां केवल मंत्री बनने नहीं, बल्कि सिस्टम सुधारने आया हूं। जो अधिकारी अच्छा काम करेगा, उसे इनाम मिलेगा और जो गलत जानकारी देगा या काम में लापरवाही करेगा, उस पर कार्रवाई निश्चित है।” उन्होंने बताया कि GB मीटिंग (शासी परिषद की बैठक) में जब रिम्स के कामकाज की समीक्षा की गई, तो काम की रफ्तार बेहद सुस्त, निर्देशों की अनदेखी और उत्तरदायित्व से बचने की प्रवृत्ति साफ नजर आई। इन तमाम कारणों से डॉ. राजकुमार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए।

पहले भी नहीं पूरा कर पाए कार्यकाल

रिम्स में यह पहला मौका नहीं है जब किसी निदेशक को कार्यकाल से पहले पद छोड़ना पड़ा हो। इससे पूर्व भी डॉ. डीके सिंह और डॉ. कामेश्वर प्रसाद ने इस्तीफा देकर अपना कार्यकाल अधूरा छोड़ा था।

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