

रांची : झारखंड में रेलयात्रियों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को दो अलग-अलग स्थानों पर अज्ञात लोगों ने वंदेभारत एक्सप्रेस और टाटा-कुर्ला एक्सप्रेस को अपना निशाना बनाया। दोनों ट्रेनों पर हुए पथराव से न केवल खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हुए, बल्कि यात्रियों में भी दहशत का माहौल बन गया। रेलवे सुरक्षा बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है और दोषियों की तलाश तेज़ कर दी गई है।

Jharkhand Stone Pelting Train : वंदेभारत एक्सप्रेस पर पथराव की घटना
पहली घटना टाटानगर-बरहमपुर वंदेभारत एक्सप्रेस से जुड़ी है। चाईबासा स्टेशन के पास, जब ट्रेन गुजर रही थी, तब कुछ असामाजिक तत्वों ने उस पर पत्थर फेंके। इस हमले में ट्रेन की ई-1 बोगी की एक खिड़की का शीशा टूट गया। हालांकि, किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई। घटना के बाद, चाईबासा की रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

Jharkhand Stone Pelting Train : टाटा-कुर्ला एक्सप्रेस पर भी हमला
इसी दिन दूसरी घटना रेलवे के खड़गपुर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले गालूडीह और आसनबनी रेलखंड के बीच हुई। यहाँ से गुजर रही टाटा-कुर्ला एक्सप्रेस (Tatnagar-LTT Express) पर भी पथराव किया गया। इस हमले में ट्रेन की बी-4 कोच की खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना की सूचना तुरंत घाटशिला RPF को दी गई, जिसने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

रेलवे प्रशासन की कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल
रेलवे प्रशासन ने इन दोनों ट्रेन पथराव की घटनाओं को बेहद गंभीरता से लिया है। आरपीएफ ने इन वारदातों को अंजाम देने वालों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए एक गहन अभियान शुरू किया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से यात्रियों में भय का माहौल बनता है और रेलवे संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुँचता है। इन लगातार हो रही घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है।
