रांची: झारखंड मिल्क फेडरेशन ने अपने मेधा ब्रांड के दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। यह नई दरें आज यानी 12 मई 2025 से लागू हो गई हैं। इस मूल्यवृद्धि का सीधा प्रभाव आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा, खासकर उन परिवारों पर जो प्रतिदिन दूध का नियमित उपभोग करते हैं।

Medha Doodh Price Hike: मेधा दूध के नए रेट्स
झारखंड मिल्क फेडरेशन के प्रबंध निदेशक जयदेव विश्वास ने बताया कि यह वृद्धि एक सामान्य मूल्य समायोजन है। उन्होंने कहा कि बीते लंबे समय से मेधा दूध की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था, जिसके कारण उत्पादन लागत में वृद्धि के चलते यह निर्णय लेना पड़ा।
एक लीटर मेधा स्टैंडर्ड (शक्ति) की कीमत बढ़कर 59 रुपये और आधा लीटर पैकेट की कीमत 30 रुपये हो गई है। इसी तरह, दूध की कीमत में प्रति लीटर 2 रुपये की बढ़ोतरी के बाद एक लीटर मेधा स्टैंडर्ड दूध (शक्ति स्पेशल) की कीमत 60 रुपये और आधा लीटर की कीमत 31 रुपये हो गई है।
आधा लीटर के पैक में आने वाला मेधा गाय का दूध, इसकी कीमत अब 28 रुपये हो गई है। 6 लीटर के पैक में आने वाले मेधा स्टैंडर्ड दूध (शक्ति- खोवा दूध) की कीमत अब 348 रुपये और मेधा टोंड दूध (ताजा- छेना दूध) के छह लीटर के पैकेट की कीमत अब 312 रुपये हो गई है।
Reasons for Medha Milk Price Hike: कीमत में बढ़ोतरी के कारण
उत्पादन लागत में वृद्धि: चारा, परिवहन और पशुपालन से जुड़ी लागत में बढ़ोतरी।
लंबे समय से मूल्य स्थिर: पिछले कई वर्षों से मेधा दूध की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई थी।
गुणवत्ता बनाए रखने की आवश्यकता: फेडरेशन का दावा है कि उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह वृद्धि आवश्यक थी।
प्रबंध निदेशक जयदेव विश्वास के अनुसार, झारखंड में प्रतिदिन करीब 2.5 लाख लीटर दूध का संग्रह होता है, जबकि 2.3 लाख लीटर दूध की बिक्री राज्य भर में फैले मेधा मिल्क पार्लरों और अन्य आउटलेट्स के माध्यम से होती है। इस बिक्री नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए, झारखंड मिल्क फेडरेशन ने मूल्य वृद्धि को आवश्यक कदम बताया है।
अन्य उत्पादों के दाम यथावत
फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि दूध के अलावा मेधा ब्रांड के अन्य डेयरी उत्पादों जैसे पनीर, घी, गुलाब जामुन और रबड़ी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिलेगी।

