रांची। झारखंड की प्रमुख राजनीतिक पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब राज्य में सक्रिय रूप से चुनाव प्रचार करने की रणनीति पर काम कर रही है और इसके लिए औपचारिक प्रक्रियाएं भी शुरू कर दी गई हैं।
झामुमो ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को एक संशोधित पत्र भेजकर अपने स्टार प्रचारकों की सूची सौंप दी है और असम में चुनाव प्रचार की अनुमति मांगी है। पार्टी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वह विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर प्रचार अभियान चलाने की योजना बना रही है।
इस अभियान की कमान पार्टी अध्यक्ष हेमंत सोरेन संभालेंगे, जिन्हें मुख्य स्टार प्रचारक बनाया गया है। उनके अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को भी इस सूची में शामिल किया गया है। इनमें कल्पना मुर्मू सोरेन, महुआ माजी, हफीजुल हसन, सुप्रियो भट्टाचार्य समेत कई अन्य नेता शामिल हैं।
हवाई, रेल और सड़क मार्ग से पहुंचकर करेंगे जनसभाएं
पार्टी के अनुसार, ये सभी नेता हवाई, रेल और सड़क मार्ग से असम के विभिन्न हिस्सों में पहुंचकर जनसभाएं करेंगे और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। इसके साथ ही झामुमो ने चुनाव आयोग से इन नेताओं के वाहनों के लिए राज्य के भीतर आवाजाही की अनुमति और पास जारी करने की मांग भी की है।
यह पूरा प्रस्ताव लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 77 के तहत भेजा गया है, जिसमें चुनाव प्रचार और खर्च से संबंधित नियमों का उल्लेख होता है। पार्टी का कहना है कि वह सभी नियमों का पालन करते हुए चुनाव प्रचार करेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झामुमो का यह कदम उसके विस्तारवादी रुख को दर्शाता है। अब तक पार्टी का प्रभाव मुख्य रूप से झारखंड तक सीमित रहा है, लेकिन अब वह पूर्वोत्तर राज्यों में भी अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रही है।
असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर झामुमो की यह सक्रियता बताती है कि पार्टी अब क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करना चाहती है। आने वाले समय में यह रणनीति कितनी सफल होती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

