Home » JMM’s election meeting in Pakur, Giridih : कल्पना सोरेन का भाजपा पर आरोप, कहा-डबल इंजन की सरकार ने झारखंड को पीछे धकेला

JMM’s election meeting in Pakur, Giridih : कल्पना सोरेन का भाजपा पर आरोप, कहा-डबल इंजन की सरकार ने झारखंड को पीछे धकेला

by Anand Mishra
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

पाकुड़/गिरिडीह : झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में महागठबंधन की उम्मीदवार कल्पना सोरेन ने रविवार को पाकुड़ और डुमरी में चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार ने झारखंड को दोगुनी ताकत से पीछे लाने का काम किया है। दूसरी ओर कल्पना सोरेन ने महागामा में भी चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार झारखंडियों को उनका अधिकार नहीं देना चाहती है।

भाजपा ने झारखंड की प्रगति को रोका

कल्पना सोरेन ने कहा, ‘‘भाजपा जब सत्ता में थी, तो उसने हजारों स्कूलों को बंद कर दिया, जिससे बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने 11 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए, जिससे लोगों को उनके अधिकार से वंचित कर दिया गया।’’ उनका आरोप था कि भाजपा ने झारखंड के विकास के लिए मिलने वाली रकम को केंद्र सरकार के जरिए भाजपा शासित राज्यों में भेज दिया और झारखंड के लोगों के साथ अन्याय किया। कल्पना ने दावा किया कि महागठबंधन की सरकार ने सत्ता में आने के बाद लोगों को उनका हक दिया। उन्होंने कहा, ‘‘महागठबंधन सरकार ने उत्कृष्ट विद्यालय शुरू किए हैं और अब बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही है। साथ ही, हमने महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की है, और यह राशि अब एक हजार से बढ़कर 2500 रुपये होने जा रही है।’’

महिलाओं का समर्थन, भाजपा के खिलाफ अदालत से हार

कल्पना सोरेन ने कहा कि विधानसभा चुनाव के पहले चरण में महिलाओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया, जो कि महागठबंधन सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं और ‘‘मंईयां सम्मान योजना’’ के प्रति उनके विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं ने इस सम्मान योजना के खिलाफ अदालत में पीआईएल दायर किया था, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया, जिससे भाजपा को करारा जवाब मिला।

पार्टी के चुनावी वादे, पिछड़ों और आदिवासियों के अधिकार

कल्पना सोरेन ने कहा कि महागठबंधन सरकार ने पिछड़ों को आरक्षण देने, 1932 आधारित स्थानीय नीति और आदिवासी सरना धर्म कोड को लागू करने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन केंद्र सरकार ने उसे दबा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इन मुद्दों पर जनहित में कोई कदम उठाने के बजाय, स्थानीय समुदायों को उनके अधिकारों से वंचित कर रही है।

इंडिया गठबंधन को समर्थन की अपील

कल्पना सोरेन ने महगामा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछड़ों के लिए महागठबंधन की सरकार ने 27 प्रतिशत आरक्षण, आदिवासी सरना धर्म कोड विधानसभा से पारित कर केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा है लेकिन उन्होंने इसको अबतक स्वीकृत नहीं किया। केंद्र सरकार झारखंडियों को उनका हक नहीं देना चाहती। कल्पना सोरेन ने कहा कि महागठबंधन की सरकार झारखंड के हक अधिकार के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। आप सभी महगामा वासी महागठबंधन सरकार को समर्थन दें, ताकि आपके लिए निरंतर कार्य किया जा सके। कल्पना सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ महंगाई का बोझ देती है, उस महंगाई को कम करने का प्रयास नहीं करती। महागठबंधन की सरकार ने झारखण्ड के लोगों की स्थिति को समझा और उन्हें महंगाई से राहत देने के लिए बकाया बिजली बिल माफ किया। लाखों माता-बहनों को आर्थिक सहायता दी। किसानों का कृषि ऋण माफ किया गया। कृषि ऋण माफी में सबसे बड़ा योगदान दीपिका पांडे सिंह का है। किसानों का दो लाख तक का ऋण महागठबंधन की सरकार ने माफ किया है।

Related Articles