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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए काम करता था मेरठ का कलीम, एसटीएफ ने लिया हिरासत में

by Rakesh Pandey
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शामली : इस की पुष्टि तो परिवारवाले भी कर रहे हैं। मेरठ के शामली के रहनेवाले कलीम को पाकिस्तान की जेल में कैद रखा गया था। वहां की जेल से रिहा होने के बाद वह हाल ही में अपने घर आया था। फिर ऐसी क्या बात हुई कि अचानक पुलिस बल ने अचानक धावा बोल दिया। मोहल्ले वालों के अनुसार, करीब तीन घंटे तक टीम गली में रही और 20 घरों के छतों पर पहुंचकर खंगाला। टीम में शामिल महिला पुलिसकर्मियों ने मस्जिद में लगे सीसीटीवी खंगाले। कलीम मिल गया। उसे पुलिस अपने साथ ले गई और अब उसके भाई की तलाश कर रही है।

पुलिस ने कहा था कि पूछताछ बाद छोड़ दिया जाएगा

कलीम के स्वजन ने बताया कि पाकिस्तान की जेल से रिहा होने के बाद युवक अपने घर में ही था, जब पुलिस ने छापेमारी की। बुधवार को पुलिस पहुंची और उसको ले गई। पुलिसकर्मियों ने पूछताछ के बाद छोड़ने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कलीम का कोई सुराग नहीं लग सका। एसटीएफ मेरठ उसे अपने साथ ले गई।

क्या नशे और हथियार का तस्कर है कलीम का बड़ा भाई?

छापेमारी करने जो टीम पहुंची थी उसने कलीम के बड़े भाई और नशा व हथियार तस्कर की तलाश में करीब तीन घंटे तक छापेमारी की। 20 घरों की छतों को खंगाला। टीम में शामिल महिला पुलिसकर्मियों ने मस्जिद में लगे सीसीटीवी देखे। वहीं, स्वजन का कहना है कि अभी तक युवक की कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

ISI से संबंध के मिले सबूत, 2019 से ही था जुड़ाव

स्पेशल टास्क फोर्स के हत्थे चढ़ा कलीम अहमद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ (ISI) से जुड़ा था। आइएसआइ एजेंट दिलशाद मिर्जा से कलीम अहमद के संबंध मिले हैं। एसटीएफ के एसपी बृजेश सिंह ने भी मीडिया से कहा है कि कलीम के संबंध आइएसआइ एजेंट दिलशाद मिर्जा से पाए गए हैं। वह 2019 से आइएसआइ के लिए काम कर रहा था। शामली के गोला कुआं कस्बे से बुधवार को कलीम अहमद को पकड़ा गया।एसटीएफ कलीम से मेरठ में पूछताछ कर रही है।
कलीम ने दिलशाद को मेरठ के रेलवे स्टेशन से लेकर सुरक्षा के कई प्वाइंटस के फोटो भेजे थे। कलीम की वाट्सएप चैट में भी दिलशाद मिर्जा को भेजी गई कई गोपनीय जानकारियां मिली हैं।

कलीम के परिवार की पाकिस्तान में है रिश्तेदारी

बदा दें जुलाई 2022 में कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नोकुआं रोड निवासी नफीस, पत्नी अमीना और पुत्र कलीम पाकिस्तान में रिश्तेदार के घर गए थे। लौटते समय पाकिस्तान कस्टम विभाग ने पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। आरोप साबित नहीं होने पर 10 अगस्त को तीनों को रिहा कर दिया गया था। 12 अगस्त को वह अपने घर आ गए थे।

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नहीं मिला कलीम के भाई का सुराग

बुधवार दोपहर साढ़े 12 बजे एसटीएफ मेरठ ने मोहल्ला नोकुआं में बर्फखाने वाली गली में छापेमारी की। पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर आए कलीम को पकड़ लेने के बाद टीम ने कलीम के बड़े भाई तहसीम के आवास पर छापेमारी की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका।

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