खूंटी : झारखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा है। खूंटी जिले में डोड़मा-गोविंदपुर रोड का डायवर्सन भारी बारिश के बाद पूरी तरह से बह गया, जिससे 100 से अधिक गांवों का अन्य क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है। इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है और स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए 25 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।
Khunti Rain Flood : क्षतिग्रस्त पुल और बहा डायवर्सन : ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
सिमडेगा-खूंटी मेन रोड पर बना पुराना पुल तीन हफ्ते पहले क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल की क्षतिपूर्ति के रूप में बनाया गया डायवर्सन तोरपा प्रखंड के डोड़मा-गोविंदपुर मार्ग पर था, जो 9 जुलाई को भारी वर्षा के चलते बह गया। इसके बाद से इस मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि 24 जून से ही डायवर्सन टूटने की स्थिति में था, जिसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब जब स्थिति पूरी तरह से बिगड़ गई, तब प्रशासन ने मरम्मत का कार्य शुरू किया है।
khunti News : निर्माण में अनियमितताओं का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि डायवर्सन निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया था। निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार एजेंसी द्वारा मनमानी की गई और स्थानीय प्रशासन ने भी निगरानी नहीं की, जिसके चलते पहली ही बारिश में यह डायवर्सन बह गया। अब बारिश के बीच मरम्मत कार्य शुरू किया गया है, जिससे अस्थायी राहत की उम्मीद की जा रही है।
khunti News : पुल टूटने से 100 से अधिक गांवों पर पड़ा असर
डोड़मा, जम्हार, गोविंदपुर, बाला मोड़, कुदरी, जरियागढ़, लालगंज और लापुंग सहित 100 से अधिक गांवों का संपर्क खूंटी, गुमला और रांची से टूट गया है। यह मार्ग खूंटी और गुमला जिले को जोड़ने वाला एकमात्र प्रमुख संपर्क मार्ग था, जो रांची के लापुंग प्रखंड से होकर गुजरता है।
अब इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को खूंटी पहुंचने के लिए 15-25 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे आवागमन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और व्यापार पर गंभीर असर पड़ा है।
प्रशासन ने शुरू किया मरम्मत कार्य
मीडिया में खबर आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और डायवर्सन की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश के बीच अस्थायी वैकल्पिक मार्ग जल्दी से जल्दी तैयार किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।

