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जानें ‘दुकान’ ने क्यों बंद की अपने कर्मचारियों की दुकान : ई-कॉमर्स कंपनी के एक फैसले के बाद मचा हंगामा, सोशल मीडिया यूजर्स कंपनी के CEO से पूछ रहे सवाल

by Rakesh Pandey
Busines News E commerce shop dukan dukan news  'Dukaan' closed the shop of its employees After a decision of the e-commerce company, there was an uproar, social media users are asking questions to the company's CEO.
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बिजनेस डेस्ट, मुंबई : ई-कॉमर्स क्षेत्र की स्टार्टअप कंपनी ‘दुकान’ (Dukaan Startup)ने हैरान करने वाला फैसला लिया है। कंपनी ने बड़ी घोषणा करते हुए अपने 90 फीसद कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का निर्णय किया है। दावा किया जा रहा है कि कंपनी अपने उपभोक्ताओं की जरूरत को पूरा करने के लिए चैटबॉल का इस्तेमाल करेगी। पिछले कुछ समय से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि AI के आने के बाद नौकरियों के जाने का डर सता रहा था।

हालांकि यह इतनी जल्दी दिखने लगेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। दुनिया में आ रहे बदलाव की बात छोड़ दें ताे अब इसके बुरे परिणाम भारत में दिखने लगे हैं। कंपनी की ओर से दावा किया गया है कि वह कर्मचारियों के बदले अपनी सेवा के लिए चैटबॉट का इस्तेमाल करेगी।

कंपनी के सीइओ के तर्क से सोशल मीडिया पर मचा बवाल

स्टार्टअप ‘दुकान’ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुमित शाह ने अपने फैसले की जानकारी ट्विटर के जरिये सोशल मीडिया के जरिये दी। इसके बाद इंटरनेट की दुनिया में हंगामा मच गया। लोगों ने कंपनी के इस फैसले का विरोध करना शुरू कर दिया है। इससे पहले सीइओ सुमित शाह ने अपने ट्वीट में कहा कि, ‘‘हमें इस चैटबोट एआई की वजह से अपने सपोर्ट टीम के 90 प्रतिशत सदस्यों की छंटनी करनी पड़ी है।’’

उन्होंने कहा कि चैटबोट के आने से सपोर्ट सेवाओं की लागत 85 प्रतिशत तक घट गयी है। इसके अलावा उपभोक्ताओं के समस्या समाधान में लगने वाले समय में भी कमी आयी है। कंपनी ने यह अवधि दो घंटे से कम होकर तीन मिनट होने का दावा किया है। कंपनी ने आधिकारिक रूप से कहा कि मुनाफा कमाने के लिए प्राथमिकता देने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

कंपनी ने इसे एक मुश्किल फैसला बताने के साथ ही कहा कि ऐसा करना नितांत आवश्यक था। सोशल मीडिया मंच पर कंपनी के फैसले की तीखी आलोचना हो रही है। लोग इसे असंवेदनशील कदम बता रहे हैं। कंपनी ने निकाले गए कर्मचारियों को मिले मुआवजे के बारे में कोई सीधा जवाब नहीं दिया है।

कोरोना काल के बाद ई-कॉमर्स में संकट का दौरान
कोरोना काल के बाद ई-कॉमर्स कारोबार मुश्किल के दौर से गुजर रहा है। बताया जा रहा है कि इन क्षेत्र से जुड़ी अधिकांश कंपनियों के साथ सबकुछ अच्छा नहीं चल रहा है। घटती बिक्री और बढ़ते खर्चों पर काबू पाने के इस क्षेत्र की अलग-अलग कंपनियां अलग-अलग निर्णय ले रही हैं। हाल ही में अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी कर्मचारियों को हटा दिया है।

अब छोटी कंपनियों ने भी खर्च घटाने के सबसे आसान तरीके को अपनाना शुरू कर दिया है। एक खबर ई- कॉमर्स ब्रांड मीशो और शॉपिफाई की ओर से भी आई है। मीशो ने भी अपने 250 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। शॉपिफाइ अपने 20 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है।

मीशो कैसे कर रही अपने कर्मचारियों को विदा
ई-कॉमर्स कंपनी मीशो ने लागत में कटौती और मुनाफा हासिल करने के लिए 15 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी की है। मीशो के फाउंडर और सीईओ विदित आत्रे ने कर्मचारियों को ईमेल भेजकर बताया कि जिन कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है उन्हें नोटिस अवधि के साथ ही एक महीने का अतिरिक्त भुगतान मिलेगा।

इसके अलावा उन्हें ईसॉप्स का लाभ भी मिलेगा। ईसॉप्स के तहत कंपनियां अपने कर्मचारियों को कुछ शेयर देती हैं। आत्रे ने कहा कि कंपनी ने 2020 से 2022 तक 10 गुना ग्रोथ की। कुछ दिनों से चुनौतियां तेजी से बढ़ी हैं।

 

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