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लालू ने कसा तंज : इसरो वैज्ञानिकों से कहा-अब प्रधानमंत्री को ‘सूर्य लोक’ भेजने की करें तैयारी

by Rakesh Pandey
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मुंबई : विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में शुक्रवार को राजद नेता लालू प्रसाद अपने पुराने अंदाज में नजर आएं, जिन्होंने अपने व्यांग्यात्मक लहजे में अपनी बातें रखीं। हल्के-फुल्के अंदाज में राष्ट्रीय जनता दल के नेता ने इसरो वैज्ञानिकों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘सूर्य लोक’ भेजने की तैयारी करें। प्रसाद की टिप्पणियां व्यंग्य से भरी हुई थीं, लेकिन इसमें गंभीर अंतर्निहित संदेश भी थे और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘इंडिया’ गठबंधन के साझेदारों के बीच सीट-बंटवारा उदार तरीके से और सुचारू रूप से किया जाएगा।

मोदी को सत्ता से हटाएंगे और देश को बचाएंगे :

लालू प्रसाद ने कहा कि हम इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे और राहुल गांधी को आश्वस्त करना चाहेंगे कि हम एकजुट होंगे, सीट बंटवारे में कोई समस्या या बाधा नहीं होगी और नुकसान सहते हुए भी हम ‘इंडिया’ को मजबूत करेंगे और मोदी को सत्ता से हटाएंगे और देश को बचाएंगे। लालू जहां बैठे थे उन्हें वहीं से संबोधित करने को कहा गया, लेकिन वह उठे और मंच से अपना भाषण दिया। उन्होंने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि हम विभिन्न दलों के नेता, जो अलग-अलग काम कर रहे थे और मोदी उसका फायदा उठा रहे थे, अब एक साथ आ गए हैं।

आज देश में सुरक्षित नहीं हैं अल्पसंख्यक :

लालू प्रसाद ने कहा कि शुरू से ही यह लड़ाई लड़ रहा हूं और कह रहा हूं कि ‘भाजपा हटाओ, देश बचाओ’। प्रसाद ने दावा किया कि इस देश में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। गरीबी बढ़ रही है, कीमतें बढ़ रही हैं, भिंडी 60 रुपये है और आप टमाटर की कीमतों के बारे में जानते हैं, भले ही उनके शासन में इसका कोई स्वाद नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अफवाहें और झूठ फैलाकर सत्ता में आई है।

एक राष्ट्र एक चुनाव भाजपा की अपनी विफलता से ध्यान बांटने की चाल : जदयू

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के एक वरिष्ठ नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक प्रमुख सहयोगी ने आरोप लगाया कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा की महंगाई और रोजगार के मोर्चे पर अपनी विफलता से लोगों का ध्यान बांटने की चाल है। राज्य के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं के एक साथ चुनाव ‘बहसयोग्य’ मुद्दा है तथा सभी दलों से परामर्श किये बगैर उसपर निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने यहां संवाददाताओं द्वारा पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि यह बहसयोग्य विषय है। राज्यों में राजनीतिक दलों के साथ चर्चा के बगैर इसपर निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। एक राष्ट्र एक चुनाव पर मीडिया की अटकलों के बजाय मुझे औपचारिक रूप से कुछ पता पता चलेगा, तभी मैं उसके गुण-दोष पर कोई टिप्पणी करूंगा।

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‘एक राष्ट्र , एक चुनाव’ चुनावी स्टंट :

जब उनसे पूछा गया कि उनके दृष्टिकोण से केंद्र इस कदम पर क्यों विचार कर रहा है तो चौधरी ने जवाब दिया कि भाजपा महंगाई नियंत्रित करने और बेरोजगारी घटाने का वादा कर सत्ता में आयी थी। केंद्र में करीब एक दशक तक उसके शासन के बाद लोग एक किलो अरहर दाल के लिए ही 200 रुपये दे रहे हैं। ‘एक राष्ट्र , एक चुनाव’ चुनावी स्टंट है। हालांकि भाजपा और उसके सहयोगी दलों का विचार है कि इससे चुनाव कराने पर आने वाले भारी खर्च में कमी आयेगी। केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि विपक्ष को इससे पेट में दर्द क्यों हो रहा है। राष्ट्रीय लोक जनता दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि एक साथ लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव कराने से संसाधनों पर बोझ काफी घटेगा।

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