प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में मंगलवार की देर रात मची भगदड़ में कई परिवार और लोग एक-दूसरे से बिछड़ गए। ऐसे ही लोगों में से एक हैं उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से आए अवधेश। वे महाकुंभ के सेक्टर-2 स्थित केंद्रीय अस्पताल में अपने साथ आए दोस्तों को ढूंढ रहे थे। मौनी अमावस्या पर भगदड़ के समय वह घटनास्थल पर ही थे। उन्होंने मीडिया को बताया कि मेरे साथ पांच लोग थे। हम सभी संगम में स्नान के लिए जा रहे थे। अत्यधिक भीड़ थी। अचानक ही पीछे से एक जोर का धक्का आने लगा। हमलोग खुद को संभालने में जुट गए। धक्के से हम पांचों गिर गए। पूरी ताकत लगाकर मैं उठा तो आसपास कोई नहीं था। मेरे सारे दोस्त कहीं दिखाई ही नहीं दे रहे थे।
अत्यधिक शोर में दब गई लोगों की पुकार
अवधेश ने बताया कि वे चिल्ला-चिल्ला कर अपने दोस्तों को खोजने लगे और उन्हें गुहार लगाते रहे। लेकिन, अत्यधिक शोर में उनकी पुकार कहीं दब सी गई। कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था। कुछ देर बाद मुझे अस्पताल भेज दिया गया, पर जहां भेजा गया, वहां कोई भी नहीं मिला। उन्होंने बताया कि हम दो लोग गांव से साथ चले थे। पहले से ही यहां चार लोग मौजूद थे। हम सभी एकत्रित होकर संगम की ओर बढ़ रहे थे। भीड़ धक्का दे रही थी। धक्का तेज होता जा रहा था। अचानक साथ रही महिला गिर गई और बेहोश हो गई। हमलोग भी इधर-उधर गिरे और जब उठे तो कोई भी साथ नहीं था। कोई कुछ नहीं बता पा रहा है। बस अस्पताल भेज रहे हैं, जहां कोई मिल नहीं रहा।
बलिया की सविता के साथी भी बिछड़े
कुछ इसी प्रकार की व्यथा बलिया से आई सविता ने भी व्यक्त की। वह भी रोते हुए अस्पताल पहुंची थी। उन्होंने कहा कि हम स्नान करने आए हैं, साथ में रहे लोग बिछड़ गए हैं। गौरतलब है कि मौनी अमावस्या पर मंगलवार की देर रात संगम तट के पास अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ हो गई। प्रशासन इस घटना के बाद व्यवस्था को सुचारू बनाने में जुट गया है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों को पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया है। पीएम मोदी एवं सीएम योगी भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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