प्रयागराज : इस बार के महाकुंभ में त्रिवेणी संगम पर काशी के कलाकारों द्वारा अनोखे प्रदर्शन देखने को मिलेंगे। काशी के ये कलाकार विशेष रूप से महाकाल का स्वरूप धारण कर स्वांग और रास की मंडलियों का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन महाकुंभ की छटा को और भी रंगीन और आकर्षक बना देगा।
अनूठी प्रस्तुतियां
महाकुंभ के दौरान काशी के कलाकार पेशवाई के समय अपनी स्वांग रचनाओं का प्रदर्शन करेंगे। इनमें एक तरफ अघोरी भस्म की होली खेली जाएगी, तो दूसरी तरफ कान्हा और गोपियों के साथ रास लीला का आयोजन किया जाएगा। कलाकार महाकाल के रूप में अपने अभिनय से सबको मंत्रमुग्ध कर देंगे। महाकाल की लीला मेला क्षेत्र में सबसे आकर्षक दृश्य होने वाला है।
महाकाल के स्वरूप में इस कलाकार की विशेष पहचान
काशी के मशहूर कलाकार सोनू महाकाल के रूप में अपनी अद्वितीय पहचान बना चुके हैं। सोनू ने 2019 में पहली बार गौरी केदारेश्वर मंदिर में महाकाल का स्वरूप धारण किया था, और उसके बाद वह मसान की होली जैसे आयोजनों में भी महाकाल के रूप में दिखाई दिए। सोनू का काला रंग और भभूत उड़ाने की कला लोगों के दिलों में बसी हुई है। उनके इस अद्भुत प्रदर्शन को हर जगह बहुत सराहा जाता है।
रचनात्मकता का जीवंत उदाहरण
महाकाल का स्वरूप धारण करने में लगभग तीन से चार घंटे का समय लगता है, और कलाकार अपना मेकअप भी स्वयं करते हैं। सोनू और उनकी टीम के सदस्य महाकाल और माता पार्वती के रूप में तैयार होते हैं। इसके अलावा, अन्य कलाकारों में पार्वती का रूप निभाने वाली सपना और अघोरी रूप में विभिन्न युवा शामिल होते हैं।
कलाकारों की फीस और प्रदर्शन
महाकाल के रूप में प्रदर्शन करने के लिए सोनू को काशी में आयोजित शिव बारात और बाबा विश्वनाथ की शोभायात्रा जैसे आयोजनों में 61,000 रुपये तक की फीस मिलती है। अन्य स्थानों पर यह शुल्क बढ़कर 1.25 लाख रुपये तक हो सकता है। वे हर साल लगभग 150 से 200 कार्यक्रमों में भाग लेते हैं और पूरे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार, मध्यप्रदेश और ओडिशा में प्रदर्शन कर चुके हैं।

