KODERMA : कोडरमा-गिरिडीह बॉर्डर पर स्थित बृंदा गांव के टोला जमुनियातारी में जगन्नाथपुरी मंदिर की तर्ज पर महेश्वरम धाम नाम से एक भव्य मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। यह मंदिर स्थानीय व्यवसायी महेश सिंह के सौजन्य से बनाया जा रहा है।
मंदिर निर्माण कार्य में महेश सिंह के साथ प्रवीण कुमार, सत्येंद्र सिंह, संतोष सिंह, विक्रम सिंह, सुनील सिंह और जितेंद्र सिंह का सहयोग भी मिल रहा है। मंदिर की स्थापत्य कला पूरी तरह जगन्नाथपुरी शैली पर आधारित होगी। इसके शिखर, गुंबद और नक्काशीदार स्तंभ इसे एक विशिष्ट स्वरूप देंगे।
उड़ीसा और राजस्थान के कारीगर दे रहे योगदान
निर्माण कार्य में उड़ीसा और राजस्थान के कारीगर विशेष रूप से जुटाए गए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि मंदिर के पूरा होने के बाद यह क्षेत्र धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा। इससे न केवल धार्मिक वातावरण मजबूत होगा, बल्कि पर्यटकों की आमद से स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा।
मंदिर परिसर में पौधारोपण व तालाब निर्माण
मंदिर परिसर में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी थानेश्वर रजवार, अंचलाधिकारी संदीप कुमार मद्धेशिया, थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज, आरएसएस विभाग संघचालक सुरेंद्र प्रताप सिंह और प्रो. शिव नारायण ठाकुर समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
वहीं, बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह के सौजन्य से मंदिर के पूर्वी भाग में एक तालाब का निर्माण कराया गया है। इसके चारों ओर पौधारोपण और आकर्षक लाइटिंग का कार्य भी चल रहा है।
फरवरी-मार्च 2026 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
महेश सिंह ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य फरवरी-मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद भव्य महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
मंदिर परिसर में भगवान शिव का विशाल शिवलिंग, माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय, पंचमुखी हनुमान की प्रतिमाएं और मुख्य द्वार पर पत्थर के शेर स्थापित किए जाएंगे। इन मूर्तियों का वजन 500 किलोग्राम से लेकर 2000 किलोग्राम तक होगा।
सांस्कृतिक व धार्मिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा धाम
मंदिर परिसर में शादी-विवाह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों के लिए पार्क और फूलों का गार्डन भी विकसित किया जा रहा है। इन सुविधाओं के कारण यह धाम श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाएगा।

