सेंट्रल डेस्क। बैंकों में ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं कोई नई बात नहीं है। कई बार इस तरह की शिकायतें आती रही हैं जिनमें कहा गया है कि बैंककर्मी ठीक से व्यवहार नहीं करते। उन्हें ग्राहकों की जरूरत और मजबूरी से कोई वास्ता नहीं रहता। उत्तर प्रदेश के बरेली में संवेदनहीनता का एक ऐसा ही उदाहरण सामने आया है। अपनी मां और बेटी के इलाज के लिए एक युवक बैंक में पैसे निकालने के लिए गया था। जल्दीबाजी मचाने पर उसकी स्थिति को समझने की कोशिश किसी ने नहीं की बल्कि बैंक के मैनेजर ने धौंस देते हुए युवक को धमकी दे डाली।

मैनेजर ‘साहब’ ने दिखाई अपने पिता की धौंस
बैंक मैनेजर ने अपने पिता की धौंस दिखाते हए कहा कि उसके पिता डीएम हैं और वह युवक को जान से मारकर बैंक के अंदर ही गड़वा देगा। बैंक मैनेजर ने युवक के साथ गाली-गलौज भी की। युवक के साथ इस अभद्रता की शिकायत आने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। यह सारा प्रकरण बरेली जिले की फरीदपुर तहसील के सुखदेवपुर कस्बा के रहने वाले हरनाम सिंह के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि उनका बचत खाता बड़ौदा-उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में है। बैंक की शाखा भरतपुर के स्टेशन रोड पर स्थित है। हरनाम ने बताया कि उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। मां फूलवती देवी और उनकी दो बेटियां भी बीमार है। एक बेटी रेखा का लीवर खराब है और दूसरी बेटी किरन देवी को बुखार आ रहा है। इसलिए पैसों की सख्त जरूरत थी।
मैनेजर ने कैशियर को भी भुगतान करने से रोका
हरनाम सिंह ने कहा कि उन्हें दवा का इंतजाम करना था। इसके लिए उन्होंने बैंक से 20 हजार रुपये निकालने थे। फॉर्म भरकर उन्होंने भुगतान के लिए बैंक मैनेजर को दिया। भुगतान जल्दी कराने का आग्रह किया तो बैंक मैनेजर ने उन्हें गालियां दी। इसके बाद अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि, उसके पिता डीएम हैं, जान से मारकर बैंक के अंदर दफन करवा देंगे। इतना ही नहीं, विरोध करने पर लूट के फर्जी मुकदमे में जेल भिजवा देने की भी धमकी दे डाली। हरनाम चुपचाप सुनता रहा। कैशियर ने पेमेंट का प्रयास किया तो मैनेजर ने उसे भी हड़काते हुए भुगतान करने से मना कर दिया।
एफआइआर के बाद मैनेजर ने दी सफाई, कहा- बैंक में स्टाफ की कमी
इस मामले में थाने में शिकायत की गई। पुलिस ने आरोपी बैंक मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं पूरे मामले में बैंक मैनेजर ने अपनी सफाई दी और बताया कि स्टाफ की कमी थी और ग्राहकों की भीड़ लगी थी। पहले से मौजूद ग्राहकों से पूर्व वह अपने भुगतान का दबाव बना रहा था।
मैनेजर ने कहा- आरोप गलत, ग्राहक ने लोगों के सामने की अभद्रता
बैंक मैनेजर ने कहा कि 21 मिनट में ग्राहक का भुगतान कर दिया गया था। फिर भी ग्राहक ने तमाम लोगों के सामने अभद्रता की। बैंक के कार्यों में बाधा डालने की कोशिश की। विरोध पर उसने झूठा आरोप लगाना शुरू कर दिया। वहीं पूरे मामले में थाना प्रभारी फरीदपुर दयाशंकर ने बताया कि शिकायत के आधार पर मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। दोषी के खिलाफ न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी।
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