चाईबासा। महिला कॉलेज चाईबासा में आइक्यूएसी एवं सदर अस्पताल चाईबासा के तत्वावधान में ‘मेंटल हेल्थ अवेयरनेस प्रोग्राम कैंपेन’ के तहत मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर कार्यक्रम आयोजित करवाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ प्रीति बाला सिंहा, अतिथिगण एवं शिक्षकगण के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता डॉ भाग्यश्री कर, नैदानिक मनोवैज्ञानिक सदर अस्पताल चाईबासा एवं डॉ धर्मेंद्र रजक, ओ एस डी सह सहायक प्राध्यापक, मनोविज्ञान विभाग रहें।
मानसिक स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ करना एक गंभीर भूल
प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। मुख्य अतिथि डॉ भाग्यश्री कर ने मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपना वक्तव्य दिया कि मानसिक विकार के प्रमुख कारण प्रतिस्पर्धा, सामाजिक दबाव, डिजिटल जीवनशैली और अकेलापन हैं। कई बार हम शारीरिक स्वास्थ्य का तो ध्यान रखते हैं, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जो एक गंभीर भूल है।
मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण, जितना शारीरिक स्वास्थ्य
हमें समझना होगा कि मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। यदि मन स्वस्थ नहीं है, तो जीवन की कोई भी उपलब्धि हमें संतोष नहीं दे सकती। वहीं डॉ धर्मेंद्र रजक ने बच्चों को इन समस्याओं से किस प्रकार निजात पाएं इस पर वक्तव्य प्रस्तुत किया।
स्नातक एवं स्नातकोत्तर के छात्राओं ने इस सारगर्भित वक्तव्य एवं प्रश्नों से अपने मानसिक स्वास्थ्य पर चिंतन एवं मनन करने हेतु लाभांवित हुए। मंच संचालन आई क्यू ए सी समन्वयक डॉ अमृता जायसवाल ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ ललिता सुंडी ने किया। कार्यक्रम में अन्य विभाग से डॉ प्रशांत खरे, धनंजय कुमार एवं सोनामई सुंडी उपस्थित रहें।
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