New Delhi : भारतीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र से एक उत्साहवर्धक खबर सामने आई है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन करने के इच्छुक छात्रों के लिए रोड्स स्कॉलरशिप ट्रस्ट ने 2028 से छात्रवृत्तियों की संख्या में वृद्धि करने की योजना बनाई है। ट्रस्ट का यह निर्णय भारत की विशाल जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। रोड्स स्कॉलरशिप ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सर रिचर्ड ट्रेनर ने हाल ही में भारत दौरे के दौरान इस महत्वपूर्ण घोषणा की।

जनसंख्या के अनुरूप बढ़ेंगी छात्रवृत्तियां
सर रिचर्ड ट्रेनर ने बताया कि वर्तमान में भारतीय छात्रों को प्रतिवर्ष छह रोड्स छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं। अगले शैक्षणिक सत्र से आवेदनों की घोषणा से पहले उन्होंने कहा कि अब ट्रस्ट की प्राथमिकता उन देशों के लिए अतिरिक्त छात्रवृत्तियां प्रदान करना है जहां जनसंख्या के अनुपात में विद्वानों की संख्या कम है, और भारत इस सूची में प्रमुखता से शामिल है। उन्होंने कहा, “भारत के लिए प्रति वर्ष छह छात्रवृत्तियां अच्छी बात है, लेकिन इस देश की विशाल आबादी (डेढ़ अरब लोग) को देखते हुए अधिक छात्रवृत्तियां होनी चाहिए।”
धन जुटाने की कवायद
रोड्स हाउस के अंतरिम ‘वॉर्डन’ ने यह भी जानकारी दी कि ट्रस्ट अतिरिक्त छात्रवृत्तियों के लिए धन जुटाने के प्रयास में जुटा है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की फीस और छात्रों के रहने-खाने के खर्चों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त धन की आवश्यकता है। छात्रवृत्ति की संख्या में वृद्धि करने के लिए चीन और अफ्रीका जैसे अन्य देश भी ट्रस्ट की प्राथमिकता सूची में हैं। वर्तमान में चीन से चार और अफ्रीका से 21 छात्रों को रोड्स छात्रवृत्ति मिलती है।
2028 तक होगा लक्ष्य हासिल
सर रिचर्ड ट्रेनर ने कहा कि ट्रस्ट अपनी 125वीं वर्षगांठ, जो कि 2028 में है, तक इन तीनों क्षेत्रों से कुछ अतिरिक्त विद्वानों को शामिल करना चाहता है। उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ट्रस्ट अभी से लेकर 125वीं वर्षगांठ तक धन जुटाने पर विशेष ध्यान देगा।
प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति ने बदली कई जिंदगियां
स्वयं 1970 में रोड्स छात्रवृत्ति के लाभार्थी रहे सर रिचर्ड ट्रेनर ने कहा कि अक्सर लोग उन्हें रोड्स छात्रवृत्ति से उनके जीवन में आए महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में बताते हैं। यह छात्रवृत्ति उन प्रतिभाशाली छात्रों को प्रदान की जाती है जो ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में दो से तीन साल तक पढ़ाई करना चाहते हैं। 18 से 23 वर्ष (विशेष परिस्थितियों में 27 वर्ष तक) की आयु के छात्र इस प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने के पात्र होते हैं। रोड्स छात्रवृत्ति विश्व की सबसे प्रतिष्ठित और सबसे पुरानी स्नातक पाठ्यक्रम छात्रवृत्तियों में से एक है, जिसकी स्थापना 1903 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में की गई थी।
आवेदन प्रक्रिया शुरू
अगले शैक्षणिक सत्र के लिए रोड्स छात्रवृत्ति की आवेदन प्रक्रिया 3 जून से शुरू हो गई है और इच्छुक छात्र 23 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। इस प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति के कुछ प्रमुख भारतीय लाभार्थियों में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री मोंटेक सिंह अहलूवालिया, जाने-माने लेखक गिरीश कर्नार्ड, पर्यावरण कानून विशेषज्ञ लावण्या राजमणि, राजनीतिक टिप्पणीकार और चुनाव विश्लेषक महेश रंगराजन और ओलंपियन रंजीत भाटिया जैसे नाम शामिल हैं।

