नई दिल्ली। NRI भारत की महिलाओं से शादी के बाद उन्हें छोड़ दे रहे हैं। विवाह को लेकर झूठा वादा कर रहे हैं। इसके कारण विधि आयोग ने इस पर संज्ञान लिया है और इसको लेकर नियमों को सख्त करने को कहा है। विधि आयोग ने कहा कि NRI के शादी को देश में विवाह नियमों के तहत रजिस्ट्रर करना चाहिए।

NRI कर रहे धोखाधड़ी
विधि आयोग ने जस्टिस ऋतुराज अवस्थी की अध्यक्षता में विधि और न्याय मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में बताया गया कि NRI देश के लोगों के साथ शादी करने बाद धोखाधड़ी कर रहे हैं, ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जो चिंता का कारण बनी हुई है। NRI का नकली प्यार भारतीय महिलाओं को असली धोखा दे रहे हैं, जिससे महिलाएं परेशान होती हैं। उनकी जिंदगी तक बर्बाद हो जा रही है।
शादी को भारत में किया जाये रजिस्ट्रर
विधि आयोग ने जस्टिस ऋतुराज अवस्थी की अध्यक्षता में जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें यह सिफारिश की गयी है कि NRI या पीआईओ या ओसीआई के देश की लड़कियों के साथ शादी करने को भारत में रजिस्ट्रर किया जाये। इसमें तलाक, भरण-पोषण के नियमों को शामिल किया जाये। जीवनसाथी को छोड़ने के बाद एनआरआई को उनके और अपने बच्चे की अभिरक्षा, सुरक्षा, पालन-पोषण की जिम्मेदारी दी जाये। अभी NRI इन नियमों मुक्त हैं।
शादी करने के लिए यह नियम अनिवार्य
NRI अगर देश की किसी भी महिला से शादी करते हैं, तो उन्हें वैवाहिक स्थिति की घोषणा करने पड़ेगी। पत्नी और पति के पासपोर्ट को एक-दूसरे से जोड़ना होगा। इसमें शादी की रजिस्ट्रेशन नंबर को अंकित करना होगा। इसके लिए पासपोर्ट अधिनियम 1967 में संशोधन किया जा रहा है।
NRI के साथ विवाह के बाद उत्पन्न हुए विवाद की सुनवाई देश की अदालतों में भी होगी। अदालतों ऐसे मामलों को सुलझाने और इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार होगा। इससे एनआरआई के साथ हुए विवाहों के विवादों को देश के अंदर निपटाये जायंगे।
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