चाईबासा : ओड़िशा-झारखंड के सीमावर्ती सारंडा जंगल में हाल ही में हुए नक्सली मुठभेड़ मामले में नक्सली प्रवक्ता का बयान आया है। उन्होंने एक आडियो जारी कर यह बयान जारी किया है। द फोटोन न्यूज़ इस आडियो की पुष्टि नहीं करता। पुलिस का कहना है कि वह इस आडियो की जांच करेगी।

इस आडियो में मुठभेड़ की घटना को फर्जी बताया गया है। आडियो झारखंड और बिहार राज्य के सीपीआई माओवादी संगठन के प्रवक्ता आज़ाद की आवाज़ में है। माओवादी प्रवक्ता ने अपने ऑडियो संदेश में झारखंड पुलिस पर आरोप लगाया है कि सारंडा जंगल में झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा सीपीआई माओवादी संगठन के सदस्यों पर हवाई हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ माओवादी कैडरों को ज़हर देकर मारा गया।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस प्रशासन की ओर से मृत नक्सलियों की संख्या को लेकर लगातार विरोधाभासी बयान सामने आते रहे हैं। पहले पुलिस ने 15 नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी दी, जबकि दूसरे दिन यह संख्या बढ़ाकर 17 बताई गई। प्रवक्ता आजाद का कहना है कि फिलहाल तीन माओवादी अभी भी पुलिस के कब्जे में हैं और आशंका जताई कि उन्हें भी जल्द ही मार दिया जाएगा।
सीपीआई माओवादी संगठन के प्रवक्ता द्वारा जारी इस ऑडियो के बाद सारंडा एनकाउंटर की सच्चाई को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अब तक झारखंड पुलिस या सीआरपीएफ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

