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Jharkhand Budget Session Debate : नगड़ी में रिम्स-2 के निर्माण को लेकर बाबूलाल मरांडी ने कह दी बड़ी बात, विधानसभा में हुई तीखी बहस

Jharkhand Hindi News : विधानसभा बजट सत्र के दौरान बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर किया तीखा हमला। सत्ता पक्ष की ओर से स्वास्थ्य विभाग, खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग और गृह विभाग के कटौती प्रस्ताव के पक्ष में चर्चा के दौरान रखी अपनी बातें

by Kanchan Kumar
Jharkhand Vidhansabha Budget Session
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रांचीः रांची के नगड़ी में रिम्स-2 के निर्माण को लेकर बुधवार को झारखंड विधानसभा में जमकर बहस हुई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जिस जगह रिम्स-2 बनाया जा रहा है वह आदिवासियों की खेती योग्य जमीन है। आदिवासियों की जमीन बचाने के लिए मुझे अगर असामाजिक तत्व भी बनना पड़े तो कोई हिचक नहीं होगी।

अराजक तत्व कर रहे विरोध: हेमलाल मुर्मू

वहीं रिम्स-2 के मुद्दे पर झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि कुछ अराजक तत्व नगड़ी में इसके निर्माण का विरोध कर रहे हैं। सरकार रिम्स-2 के निर्माण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। राज्य के लोगों को इसकी सख्त जरूरत है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी कई बार आग्रह कर चुके हैं कि जनहित के इस मुद्दे पर राजनीति न की जाए। विधानसभा बजट सत्र के दौरान बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने सत्ता पक्ष की ओर से स्वास्थ्य विभाग, खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग और गृह विभाग के कटौती प्रस्ताव के पक्ष में चर्चा के दौरान अपनी बातें रखी।

बोले मरांडी- नगड़ी से 10 किलोमीटर दूर भी बन सकता है रिम्स-2

इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वे हमेशा राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल करने के पक्ष में हैं। लेकिन सरकार को चाहिए की वह रिम्स–2 को नगड़ी में आदिवासियों की जमीन से दूर खाली बंजर भूमि पर बनाए। इसे नगड़ी से 10 किलोमीटर दूर भी बनाया जा सकता है।

बजट को बताया कॉपी-पेस्ट

वहीं बजट पर बाबूलाल ने आरोप लगाया कि वित्तमंत्री और वित्त विभाग के बीच समन्वय का अभाव है। इस वर्ष का बजट पिछले बजट की कॉपी-पेस्ट जैसा है। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक पिता को अपने बच्चे के शव को डिब्बे में लेकर जाना पड़ा, जो बेहद शर्मनाक है। इसकी तस्वीर अखबारों की सुर्खियां बन चुकी हैं। इसपर मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि अखबारों में छपवाने का यह काम विपक्ष का ही है।

चाईबासा में HIV रक्त चढ़ाए जाने का मुद्दा भी उठा

बाबूलाल ने कहा कि यही हाल ही में चाईबासा में थैलिसीमिया पीडित बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढा दिया गया। बाबूलाल ने कहा कि किसी भी ब्लड को जांच करने के बाद चढाया जाता है। लेकिन यहां हुई लापरवाही कई सवाल खड़े करती है। राज्य में 11 हजार से अधिक थैलेसीमिया के मरीज हैं जो चिंता का विषय है। इस पर ध्यान देना चाहिए।

सरकार बताए-एयर एंबुलेंस सेवा का कितने लोगों को मिला लाभ

उन्होंने 28 अप्रैल 2023 को शुरू की गई एयर एंबुलेंस सेवा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार बताए कि इससे अब तक कितने लोगों को लाभ मिला है। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में भारी कमी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार झारखंड में 67.5 प्रतिशत बच्चे और 65.3 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, जबकि डॉक्टरों के 45 प्रतिशत और ए-ग्रेड नर्सों के 38.9 प्रतिशत पद रिक्त हैं।

उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, दवा खरीद और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि कई निजी अस्पतालों में लोगों को इलाज के अभाव में दर-दर भटकते देखा जा सकता है। उन्होंने राज्य में सरकारी दरों पर दाल, नमक आदि पिछले लगभग सात, आठ माह से नहीं मिलने पर चिंता प्रकट की।

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