Jamshedpur : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम स्थित घाघीडीह सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जेल परिसर के अंदर से बंद अपराधियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। हैरानी की बात यह है कि त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद एक महिला मुलाकाती स्मार्टफोन लेकर जेल के अंदर पहुंच गई और उसने बंद अपराधियों का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
वायरल वीडियो में गोलमुरी क्षेत्र के कुख्यात अपराधी विक्की कुंडी, अमन शेखर, बलराम सिंह उर्फ छोटू और विनीत सिंह जेल परिसर के अंदर दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देने वाले गानों का इस्तेमाल भी किया गया है, जिससे जेल प्रशासन की निगरानी और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह वीडियो निशांत सिंह नामक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि निशांत सिंह, जेल में बंद बलराम सिंह का भाई है। इसके बाद जेल प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार वीडियो में दिखाई देने वाले सभी आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। इन पर गोलमुरी क्षेत्र के व्यवसायी राजकुमार साह से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने तथा एक ही रात में दो अलग-अलग स्थानों पर फायरिंग करने के आरोप हैं। विक्की कुंडी और अमन शेखर के खिलाफ लगभग एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें कोर्ट गेट फायरिंग और सिदगोड़ा में अक्षय सिंह पर हमले जैसी घटनाएं भी शामिल हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई। जांच में सामने आया कि एक महिला मुलाकाती ने ही जेल के अंदर वीडियो रिकॉर्ड किया था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला आपसी गैंगवार या जेल के अंदर वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा हुआ तो नहीं है।
सूत्रों के अनुसार कन्हैया यादव हत्याकांड में जेल में बंद रजा आलम और विक्की कुंडी गुट के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन की शिकायत पर परसुडीह थाना में रजा आलम की मां, निशांत सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।

