Jamshedpur : बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना को शीघ्र पूरा कर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति शुरू करने की मांग को लेकर रविवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन के समीप ग्रामीण विकास संघर्ष समिति के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व समिति के संचालक और पूर्व जिला पार्षद किशोर यादव ने किया। धरना में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
धरना को संबोधित करते हुए किशोर यादव ने कहा कि बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना पिछले करीब 11 वर्षों से अधूरी पड़ी हुई है। इस दौरान कई बार योजना को शुरू करने के आश्वासन दिए गए, लेकिन आज तक क्षेत्र की जनता को इसका लाभ नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से 14 जून से जलापूर्ति शुरू करने की बात कही गई थी, जिससे लोगों में उम्मीद जगी थी, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी योजना चालू नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा कि बागबेड़ा क्षेत्र के हजारों लोग आज भी पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। गर्मी के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है। लोगों को पानी के लिए चापाकलों, टैंकरों और अन्य वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। कई परिवारों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है, जिससे उन्हें रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
किशोर यादव ने कहा कि यह योजना पूरी होने पर बागबेड़ा, हरहरगुट्टू और आसपास के क्षेत्रों के हजारों परिवारों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। इसके बावजूद परियोजना में लगातार हो रही देरी चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को तत्काल दूर कर जलापूर्ति शुरू करने की मांग की।
धरना के दौरान वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगी। वर्षों से योजना के नाम पर तिथियां घोषित की जाती रही हैं, लेकिन जमीन पर अपेक्षित परिणाम नहीं दिखे हैं। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है।
समिति के सदस्यों ने मांग की कि संबंधित विभाग योजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करे और यह स्पष्ट करे कि जलापूर्ति शुरू होने में अब कितना समय लगेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के हजारों परिवार लंबे समय से इस योजना के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
धरना के अंत में किशोर यादव ने चेतावनी दी कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना को चालू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग जिम्मेदार होंगे।
धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

