RANCHI: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर शुक्रवार को बरियातू के नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय स्कूल में श्रद्धा और प्रेरणा से ओत-प्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डीसी मंजूनाथ भजन्त्री और विशिष्ट अतिथि एसएसपी रांची राकेश रंजन रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना से हुई। इसके डीसी, एसएसपी, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, स्कूल प्राचार्य एवं छात्र-छात्राओं ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
देश की आजादी को बनाया लक्ष्य
डीसी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का व्यक्तित्व अत्यंत दृढ़, साहसी और प्रेरणादायी था। उन्होंने प्रतिष्ठित पद छोड़कर देश की आजादी को सर्वोच्च लक्ष्य बनाया। आजाद हिंद फौज के माध्यम से अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। डीसी ने विद्यालय के छात्रावास का निरीक्षण किया। रसोईघर, आवासीय कक्ष, स्नानागार और शौचालय सहित अन्य सुविधाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने छात्रावास के समग्र अपग्रेडेशन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
स्कूल में पढ़ रहे 157 बच्चे
उन्होंने बताया कि स्कूल में 157 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। जिनमें 9 ऐसे बच्चे हैं जिनके माता-पिता नहीं हैं। ऐसे बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वयं को अकेला न समझें, स्कूल के शिक्षक ही उनके अभिभावक हैं। जिला प्रशासन की ओर से स्कूल को वाद्य यंत्र भी उपलब्ध कराए गए हैं। जिससे बच्चों में रचनात्मकता और सकारात्मक वातावरण विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि संस्कृति में तनाव कम करने की अद्भुत कला निहित है। इसी दृष्टि से विद्यालय को वाद्य यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक वाद्य यंत्र में दो-तीन बच्चे पारंगत हों, ताकि विद्यालय में सकारात्मक, आनंददायक और रचनात्मक वातावरण बने। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के बच्चों द्वारा नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की समुचित देखभाल और मार्गदर्शन करने को कहा। साथ ही भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन व राज्य सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है।
अनुशासन और संघर्ष का विशेष महत्व
एसएसपी रांची द्वारा जैक बोर्ड से पढ़ाई कर आईपीएस बनने की उपलब्धि की सराहना करते हुए डीसी ने कहा कि छात्र जीवन में इच्छाशक्ति, अनुशासन और संघर्ष का विशेष महत्व होता है। इन गुणों को अपनाकर ही एक अच्छा नागरिक बना जा सकता है और जीवन में ऊंचे लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस विद्यालय के बच्चे भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करेंगे।
परिश्रम और दृढ़ संकल्प से सफलता
एसएसपी राकेश रंजन ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संसाधनों के अभाव में भी यदि मनुष्य की इच्छाशक्ति प्रबल हो तो वह हर लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने झारखंड एकेडमिक काउंसिल बोर्ड से ही अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। निरंतर परिश्रम एवं दृढ़ संकल्प के बल पर भारतीय पुलिस सेवा तक का सफर तय किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, लगन और निरंतर मेहनत के साथ अध्ययन करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास बनाए रखकर आगे बढ़ने से जीवन में निश्चित रूप से सफलता प्राप्त की जा सकती है।

