नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में बीजेपी ने 27 साल बाद सरकार बनाने में सफलता हासिल की है और पार्टी इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मना रही है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 48 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि 11 साल तक सत्ता में रही आम आदमी पार्टी (AAP) केवल 22 सीटों तक सीमित रह गई। यह न केवल बीजेपी की बड़ी जीत है, बल्कि यह दिल्ली की राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ भी है। अब बीजेपी की नजर मुख्यमंत्री पद पर है और पार्टी की पूरी ताकत इस निर्णय में जुटी हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में होगा शपथ ग्रहण
बीजेपी की योजना है कि दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 13 फरवरी के बाद आयोजित किया जाए, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बन सकें। प्रधानमंत्री मोदी 10 से 13 फरवरी तक फ्रांस और अमेरिका के दौरे पर रहेंगे, इसलिए शपथ ग्रहण समारोह में उनकी उपस्थिति के लिए यह तारीख उपयुक्त मानी जा रही है। बीजेपी का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना पार्टी की जीत और दिल्ली के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत होगा।
सीएम का चयन और बीजेपी की रणनीति
बीजेपी में मुख्यमंत्री पद के लिए चर्चा जोरों पर है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने इस निर्णय को लेने की जिम्मेदारी ली है, और इसमें एक पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ही मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा। इस बीच, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर चर्चा की और दिल्ली की नई सरकार की रूपरेखा पर विचार किया।
बीजेपी के सांसद मनोज तिवारी ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार साझा किए और कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा, लेकिन उनकी प्राथमिकता यमुना को साफ करना होगा। उनके अनुसार, जो भी नया मुख्यमंत्री होगा, वह दिल्ली की जनता के लिए काम करेगा और प्रधानमंत्री मोदी की दी गई गारंटियों को पूरा करेगा।
सीएम उम्मीदवारों की दौड़ में प्रवेश वर्मा
अब बीजेपी में नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बीजेपी के एक प्रमुख नेता और दिल्ली से सांसद प्रवेश वर्मा का नाम भी मुख्यमंत्री पद की रेस में उभर कर सामने आया है। उन्होंने अपनी सीट से AAP के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को हराया और 4,089 वोटों से शानदार जीत दर्ज की। इस जीत ने बीजेपी के भीतर उनके सीएम उम्मीदवार के तौर पर एक महत्वपूर्ण स्थान बना दिया है। हालांकि, सीएम चयन प्रक्रिया में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
शपथ ग्रहण समारोह और एनडीए नेताओं की मौजूदगी
दिल्ली में बीजेपी के शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की योजना है, जिसमें सभी एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। पार्टी की ओर से इसे एक ऐतिहासिक और यादगार कार्यक्रम बनाने की योजना है, ताकि बीजेपी की जीत का जश्न पूरे देश में मनाया जा सके।
नया मुख्यमंत्री 10 दिनों में होगा चयन
बीजेपी के प्रदेश प्रभारी बैजयंत पांडा ने कहा था कि दिल्ली में नया मुख्यमंत्री अगले 10-15 दिनों में चुना जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि बीजेपी का नेतृत्व सामूहिक रूप से निर्णय करेगा और इस निर्णय में पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। बीजेपी की दिल्ली में यह जीत न केवल पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दिल्ली की राजनीतिक स्थिति में एक नया अध्याय शुरू करने जैसा है।
बीजेपी ने 1993 में पहली बार दिल्ली में सरकार बनाई थी, लेकिन उसके बाद के चुनावों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। 2015 और 2020 में AAP की भारी जीत के बावजूद, 27 साल बाद बीजेपी ने दिल्ली में सरकार बनाने का अपना सपना पूरा किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री का चयन कैसे करता है और दिल्ली में बीजेपी की सरकार किस दिशा में काम करती है।

