- यात्रियों के लिए पर्याप्त सीटों की होगी व्यवस्था : संजय सेठ
रांची : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेला 2025 के लिए रांची से 16 जनवरी से 1 मार्च तक कुल 10 विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। इन ट्रेनों के जरिए रांची समेत आसपास के कई जिलों के श्रद्धालु आसानी से कुंभ मेला पहुंच सकेंगे। रांची रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ये ट्रेनें यात्रियों के लिए एक शानदार अवसर बनकर सामने आई हैं, जिससे तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
केंद्रीय रेल मंत्री से हुई बातचीत के बाद कुंभ ट्रेनों का संचालन
रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात कर रांची से कुंभ ट्रेनों के संचालन की मांग की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार करते हुए यह निर्णय लिया। संजय सेठ ने इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है।
रांची के श्रद्धालुओं के लिए खास सुविधाएं
संजय सेठ ने कहा कि यह पहली बार है जब रांची को कुंभ मेला के लिए इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों की सौगात मिली है। हर ट्रेन का परिचालन रांची स्टेशन से होकर होगा और यात्रियों के लिए पर्याप्त सीटों की व्यवस्था की जाएगी। इन विशेष ट्रेनों में सामान्य क्लास, स्लीपर क्लास और एसी क्लास की बोगियां उपलब्ध होंगी। इस सुविधा से रांची, रामगढ़, खूंटी, हजारीबाग, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, कोडरमा, चतरा, लातेहार, पुरुलिया, जमशेदपुर और सरायकेला खरसावां के लोग आसानी से कुंभ मेला पहुंच सकेंगे।
कुंभ मेला के लिए विशेष ट्रेनें
रांची से टूंडला (08067/08968) – 19 जनवरी
भुवनेश्वर से टूंडला (08425) – 22 जनवरी, 5 फरवरी, 19 फरवरी, 25 फरवरी
टूंडला से भुवनेश्वर (08426) – 24 जनवरी, 7 फरवरी, 21 फरवरी, 28 फरवरी
टिटिलागढ़ से टूंडला (08314) – 16 जनवरी, 23 जनवरी, 6 फरवरी, 20 फरवरी, 25 फरवरी
टूंडला से टिटिलागढ़ (08313) – 18 जनवरी, 25 जनवरी, 8 फरवरी, 22 फरवरी, 1 मार्च
तिरुपति से बनारस (07107) – 18 जनवरी, 8 फरवरी, 15 फरवरी, 22 फरवरी
बनारस से विजयवाड़ा (07108) – 20 जनवरी, 10 फरवरी, 17 फरवरी, 24 फरवरी
नरसापुर से बनारस (07109) – 26 जनवरी, 2 फरवरी
बनारस से नरसापुर (07110) – 27 जनवरी, 3 फरवरी
यात्रियों से आग्रह
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लोगों से आग्रह किया है कि इस महाकुंभ में अधिक से अधिक श्रद्धालु शामिल हों। 12 वर्षों के बाद यह महाकुंभ आयोजित किया जा रहा है, और इस महान पर्व का हिस्सा बनना एक विशेष अवसर होगा। उन्होंने कहा कि यह मौका सभी सनातनियों के लिए ऐतिहासिक है और अधिक से अधिक श्रद्धालु इस यात्रा का लाभ उठाएं।
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