जमशेदपुर : जमशेदपुर की चिकित्सा बिरादरी के लिए सोमवार की रात एक गहरा आघात लेकर आई। शहर के अनुभवी और लोकप्रिय चिकित्सक, मरीजों के बीच जनता के डॉक्टर के रूप में मशहूर डॉ. नागेंद्र सिंह का निधन हो गया। पिछले कुछ दिनों से उन्हें सांस लेने में गंभीर दिक्कत हो रही थी और हालत बिगड़ने पर न्यूमोनिया होने की बात कही जा रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही शहर में शोक की लहर दौड़ पड़ी।

मुफ्त इलाज से 15 हजार से ज्यादा मरीजों को मिली राहत
डॉ. नागेंद्र सिंह को समाज के प्रति उनके अतुलनीय योगदान और मानवीय दृष्टिकोण के लिए जाना जाता था। उन्होंने अपने चिकित्सकीय करियर में 15 हजार से अधिक मरीजों का निश्शुल्क इलाज कर उन्हें नया जीवन दिया। वे झारखंड की आदिम जाति सबर समुदाय के पांच गांवों को गोद लेकर वहां के लोगों की मेडिकल जरूरतों को खुद पूरा करते थे। इलाज, दवा से लेकर जरूरत पड़ने पर मरीजों को घर तक छोड़ने की व्यवस्था भी वे व्यक्तिगत रूप से देखते थे। उनकी इसी सेवा भावना को देखते हुए झारखंड सरकार ने दो बार केंद्र सरकार को उनका नाम पद्मश्री के लिए भेजा था।

गंगा देवी स्मृति शिविर में गरीबों का होता था नि:शुल्क ऑपरेशन
समाजसेवा के क्षेत्र में भी डॉ. नागेंद्र सिंह का योगदान उल्लेखनीय रहा। अपनी मां गंगा देवी की स्मृति में वे हर वर्ष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करते थे, जहां गरीब मरीजों के नि:शुल्क सर्जिकल उपचार से लेकर अन्य चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती थीं। इन शिविरों ने वर्षों तक हजारों जरूरतमंद मरीजों को राहत दी। उनकी यह पहल आज भी समाज में प्रेरणा का स्रोत मानी जाती है।

परिवार में डॉक्टर बेटी, बेटा मेडिकल की पढ़ाई में
डॉ. नागेंद्र सिंह अपने पीछे पत्नी, एक पुत्री और एक पुत्र को छोड़ गए हैं। उनकी पुत्री स्वयं भी डॉक्टर हैं, जबकि उनका पुत्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। हाल ही में उनकी बेटी का विवाह महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कालेज के पूर्व प्रिंसिपल डा. एसी अखौरी के पुत्र से हुआ था।
आइएमए ने जताया गहरा शोक
उनके निधन पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए), जमशेदपुर ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। आइएमए के अध्यक्ष डॉ. जीसी माझी, सचिव डॉ. सौरभ चौधरी, उपाध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय सिंह, डॉ. संतोष गुप्ता सहित कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने कहा कि डा. नागेंद्र सिंह का जाना चिकित्सा जगत की बड़ी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
आइएमए द्वारा जारी संदेश में कहा गया है कि जमशेदपुर ने एक समर्पित चिकित्सक, सच्चे समाजसेवी और मानवीय मूल्यों वाले डॉक्टर को खो दिया है। ईश्वर उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
समाज में गूंजती रहेगी उनकी सेवा की मिसाल
डॉ. नागेंद्र सिंह का निधन सिर्फ अस्पतालों तक सीमित क्षति नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए दर्दनाक झटका है। उनकी निस्वार्थ सेवा, करुणा और समर्पण ने अनगिनत जीवनों को छुआ। वे हमेशा एक ऐसे चिकित्सक के रूप में याद किए जाएंगे, जिन्होंने पेशे से पहले मानवता को प्राथमिकता दी।
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