Home » पहलगाम आतंकी हमला: ‘भेलपूरी खाते वक्त पूछा, मुस्लिम हो?’ फिर गोली मार दी – चश्मदीदों की आपबीती

पहलगाम आतंकी हमला: ‘भेलपूरी खाते वक्त पूछा, मुस्लिम हो?’ फिर गोली मार दी – चश्मदीदों की आपबीती

by Neha Verma
Terrorist Attack
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले ने इलाके में दहशत फैला दी है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें पर्यटक और स्थानीय निवासी दोनों शामिल हैं।

हमला उस वक्त हुआ जब लोग बाजार में घूम रहे थे और खाने-पीने का आनंद ले रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से हमला किया। एक चश्मदीद महिला ने बताया कि वह अपने पति के साथ भेलपूरी खा रही थीं, तभी एक हमलावर उनके पास आया और पूछा, “क्या तुम मुस्लिम हो?” जब उनके पति ने कोई जवाब नहीं दिया या शायद ‘ना’ कहा, तो उन्हें गोली मार दी गई।

महिला ने बताया, “हम सिर्फ घूमने आए थे, कुछ खा रहे थे। तभी एक व्यक्ति आया और मेरे पति से उनका धर्म पूछा। कुछ कहने से पहले ही उन्होंने गोली चला दी।”

हमले के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया और घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मृतक की पहचान दिल्ली निवासी राजीव शर्मा के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने आए थे।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। पूरे पहलगाम क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और तलाशी अभियान जारी है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह हमला आतंकियों की नृशंस मानसिकता को दर्शाता है और इसकी गहन जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में यह सांप्रदायिक पहचान के आधार पर लक्षित हमला प्रतीत होता है।

इस घटना की निंदा करते हुए कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है और सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस हमले को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती

पहलगाम जैसे पर्यटन केंद्रों में इस तरह का हमला सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करता है। राज्य प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल तैनात करने की घोषणा की है।

यह घटना केवल एक आतंकी हमला नहीं बल्कि सामाजिक सौहार्द पर सीधा हमला है। धार्मिक पहचान के आधार पर की गई यह हिंसा देश को झकझोरने वाली है। अब देखना यह होगा कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस हमले के जिम्मेदारों को कब और कैसे न्याय के कटघरे में लाती हैं।

Related Articles