सेंट्रल डेस्क : भारत से बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पाकिस्तान की सेना और सरकार को बलूचिस्तान में करारा झटका लगा है। पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर की रणनीति पर सवाल उठते जा रहे हैं, क्योंकि बलूच लड़ाकों ने पाकिस्तान की सेना को हरा कर बलूचिस्तान प्रांत के केच और पंजगुर जिलों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। यह घटना पाकिस्तान के लिए एक और आंतरिक विफलता का प्रमाण बनकर उभरी है।
बलूच लड़ाकों का हमला : केच और पंजगुर पर कब्जा : Baloch Fighters Capture Kech and Panjgur
बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बलूच लड़ाकों ने शुक्रवार को एक साथ कई मोर्चों पर हमले तेज कर दिए। केच, पंजगुर और लासबेला जिलों में न केवल पाकिस्तान सेना को हराया गया, बल्कि वहां मौजूद सरकारी इमारतों, थानों और दफ्तरों को भी आग के हवाले कर दिया गया।
केच में नाकेबंदी के बाद सीधा हमला
बलूच लड़ाकों ने सबसे पहले इलाके की नाकेबंदी की। इसके बाद थानों और सरकारी दफ्तरों पर धावा बोला। पाक सेना और प्रशासनिक अधिकारियों को पीटकर भगाया गया। फिर लड़ाकों ने इलाके को ‘स्वतंत्र क्षेत्र’ घोषित कर दिया। पंजगुर में भी दोहराया गया वही मंज़र। भारी हथियारों के साथ आए लड़ाकों ने पहले नाकेबंदी की।फिर पाकिस्तानी सैनिकों पर हमला कर उन्हें खदेड़ दिया। पंजगुर अब बलूच लड़ाकों के नियंत्रण में बताया जा रहा है।
लासबेला में भी हिंसा, तीन लोगों की हत्या : Baloch Rebellion Worsens in Lasbela
लासबेला जिले में बलूच लड़ाकों ने प्रदर्शनकारियों की हत्या कर स्पष्ट संदेश दे दिया कि अब किसी भी सरकारी विरोध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जो पाकिस्तानी सेना की मदद कर रहे थे।
पाकिस्तान सरकार की विफल नीति, विद्रोह थामने में असमर्थ : Pakistan Internal Crisis
बलूच विद्रोह को दबाने में असफल पाकिस्तान सरकार ने अब 150 बलूच आंदोलनकारियों को रिहा करने का फैसला किया है। यह कदम हालात को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि विद्रोह की आग और भड़क गई है। बलूचिस्तान के साथ-साथ खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान में भी विद्रोह की आहट है।
पूर्व गृह मंत्री फजलुर रहमान की चेतावनी : Fazlur Rehman Warns Pakistani Govt
पूर्व गृह मंत्री फजलुर रहमान ने सरकार को आगाह किया है कि अगर सेना को पूरी तरह भारत सीमा पर भेजा गया, तो देश के भीतर कौन हालात संभालेगा?
उनका सीधा आरोप है कि सरकार अंदरूनी संकटों को नजरअंदाज कर रही है और भारत से टकराव को प्राथमिकता दे रही है।
हर मोर्चे पर घिरी पाक आर्मी : Pakistan Army Losing Control
असीम मुनीर की सेना अब कई दिशाओं से हमले झेल रही है। भारत की सीमा पर विफल सैन्य कार्रवाई । बलूचिस्तान में स्वतंत्रता संग्राम की आंच । गिलगित-बाल्टिस्तान और खैबर में बढ़ती अस्थिरता

