पलामू : पलामू जिले से एक बेहद दर्दनाक औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई है, जहां पुआल काटने के दौरान कुट्टी मशीन में फंसकर एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान 32 वर्षीय जयप्रकाश गुप्ता के रूप में हुई है, जो पेशे से एलआईसी एजेंट थे। यह हादसा छतरपुर थाना क्षेत्र के अरर गांव में हुआ, जिसने ग्रामीण इलाकों में कृषि कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, खोड़ी गांव निवासी जयप्रकाश गुप्ता बुधवार को पुआल काटने के लिए अरर गांव गए थे, जो उनके गांव से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जयप्रकाश अपनी निजी कुट्टी मशीन लेकर गए थे और दोपहर के समय पुआल काटने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका हाथ तेज रफ्तार कुट्टी मशीन में फंस गया। मशीन की गति अधिक होने के कारण वह खुद को छुड़ा नहीं सके और गंभीर रूप से घायल हो गए।
दो घंटे तक मशीन में फंसे रहे
घटना के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे जयप्रकाश करीब दो घंटे तक मशीन में ही फंसे रहे। इस दौरान उनका हाथ और जबड़े का हिस्सा मशीन में फंसा रहा, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। हादसे में उनका एक हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। लंबे समय तक मदद न मिलने, अधिक खून बहने और गंभीर चोटों के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
काफी देर बाद जब स्थानीय लोगों की नजर मशीन में फंसे जयप्रकाश पर पड़ी, तो उन्होंने परिजनों को सूचना दी। ग्रामीणों और परिजनों की मदद से जयप्रकाश को मशीन से बाहर निकाला गया और तत्काल इलाज के लिए मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच (मेडिकल कॉलेज अस्पताल) ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे उनकी मौत की पुष्टि हुई।
पोस्टमार्टम के बिना शव घर ले गए परिजन
जयप्रकाश गुप्ता की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि वह एलआईसी एजेंट के रूप में कार्यरत थे और खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय रहते थे। मौत के बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराए बिना ही अस्पताल से घर ले गए। मृतक अपने पीछे दो छोटे बच्चों और परिवार को छोड़ गए हैं, जिनका भविष्य अब अनिश्चितता में घिर गया है।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग की जाने वाली कृषि मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों और अकेले मशीन संचालन के दौरान इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर मदद मिल जाती तो शायद जयप्रकाश की जान बचाई जा सकती थी।

