पलामू : करोड़ों रुपये के सांप के जहर की बरामदगी से जुड़े हाईप्रोफाइल मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई संभाल ली है। वन विभाग और पलामू टाइगर रिजर्व ने एजेंसी द्वारा मांगी गई विस्तृत जानकारी से संबंधित दस्तावेज और ब्यौरा उपलब्ध करा दिए हैं।
पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक प्रजेशकांत जैना ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि मेदिनीनगर वन प्रमंडल से जुड़े मामले में सभी आवश्यक दस्तावेज ईडी को सौंप दिए गए हैं। बता दें कि यह पहली बार है जब किसी वन्यजीव से जुड़े तस्करी के मामले में ईडी की ओर से जांच शुरू की गई है। आशंका है कि सांपों के जहर की तस्करी से करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार किया गया। यह जांच के बाद पता चल सकेगा कि इस बड़ी राशि का उपयोग कहां किया गया।
देहरादून भेजा गया सैंपल
वन विभाग ने जब्त किए गए सांप के जहर की वैज्ञानिक जांच के लिए सैंपल वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट, देहरादून भेजा है। कार्रवाई के समय अधिकारियों ने बताया था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जहर की कीमत करीब 80 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। जहर जिस बोतल में रखा गया था, उस पर फ्रांस का लेबल लगा होना भी जांच एजेंसियों के लिए अहम सुराग माना जा रहा है।
संयुक्त कार्रवाई में हुआ था बड़ा खुलासा
जानकारी के मुताबिक, नवंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB), वन विभाग और पलामू टाइगर रिजर्व ने संयुक्त रूप से झारखंड और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में छापेमारी की थी। इस दौरान 1200 ग्राम सांप का जहर बरामद किया गया था। मामले में तस्करी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
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