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Palamu Trafficking Case : पलामू में मानव तस्करी मामले के दोषी दो भाइयों को 10-10 साल कारावास की सजा

जुर्माना की रकम नहीं देने पर इनको एक-एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। जिन दोषियों को सजा सुनाई गई है, उनके नाम हैं एलन पांडे और मिथिलेश पांडे।

by Mujtaba Haider Rizvi
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Palamu: पलामू की जिला कोर्ट ने मानव तस्करी मामले के दोषी दो भाइयों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। यह सजा गुरुवार को सुनाई गई। इसके अलावा, इन दोनों पर जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना की रकम नहीं देने पर इनको एक-एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। जिन दोषियों को सजा सुनाई गई है, उनके नाम हैं एलन पांडे और मिथिलेश पांडे।

यह दोनों सगे भाई हैं। दोनों दोषी पलामू के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के बासडीह चौरा के रहने वाले हैं। मामला साल 2017 का है। तब पलामू में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाना खोला गया था। थाना खुलने के बाद पहली एफआईआर एलन पांडे और मिथलेश पांडे के खिलाफ ही दर्ज हुई थी। पुलिस ने दोनों को जेल भेजा था।

इस मामले में केस चल रहा था। एलन पांडे और मिथिलेश पांडे मजदूरी के लिए एक किशोर को दिल्ली ले जा रहे थे। इन पर आरोप था कि यह लोग किशोर को बहला फुसलाकर दिल्ली ले जा रहे थे। बाद में किशोर गायब हो गया था। इसी मामले में इन पर एफआईआर दर्ज हुई थी। पलामू की जिला अदालत में केस चल रहा था। गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश 09 की अदालत ने दोनों दोषियों को सजा सुनाई है।

साल 2017 में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के तत्कालीन थाना प्रभारी दुलर चौड़े ने मुकदमे की तहकीकात की थी। अभी इंस्पेक्टर दुलर चौड़े लातेहार जिला में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि उस दौरान किशोर को खोजने में काफी मेहनत लगी थी।

उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस से संपर्क किया गया था। किशोर कहां है इसकी जानकारी आरोपी नहीं दे रहे थे। बस इतना बता रहे थे कि किशोर इलाहाबाद और कानपुर रेलवे स्टेशन के बीच ही कहीं गायब हो गया था। किशोर को बरामद करने के लिए आरपीएफ और जीआरपी ने तकनीक का सहारा लिया था।

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