पलामू : झारखंड के पलामू जिला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विश्रामपुर थाना पुलिस ने नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के फरार कमांडर अनिल भुइयां को गिरफ्तार कर लिया। अनिल सात साल से फरार था और पुलिस उसकी गिरफ्तारी में लगी हुई थी। शनिवार को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अनिल भुइयां अपने गांव घासीदास में छिपा हुआ है। सूचना मिलने के बाद विश्रामपुर थाना प्रभारी सौरभ कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने एक सर्च अभियान चलाया और उसे घासीदास इलाके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने यह बताया कि अनिल पर नक्सलियों द्वारा कई वारदातों को अंजाम देने का आरोप है।
2018 में हुई मुठभेड़ और गिरफ्तारियां
यह गिरफ्तारी 2018 में पलामू के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के बाद हुई है। उस मुठभेड़ में टीएसपीसी उग्रवादियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी, जिसमें पुलिस ने चार हथियार और कई संदिग्ध सामान बरामद किए थे। इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने छह उग्रवादियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिनमें अनिल भुइयां का नाम भी शामिल था।
अनिल भुइयां पर नक्सली गतिविधियों का आरोप
विश्रामपुर थाना प्रभारी सौरभ कुमार ने बताया कि अनिल भुइयां पर नक्सलियों द्वारा कई खतरनाक वारदातों को अंजाम देने का आरोप है। अब उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
समाज में शांति की दिशा में एक कदम
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती होती हैं, बल्कि समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भी जरूरी होती हैं। इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय समुदाय को राहत मिली है, क्योंकि टीएसपीसी जैसे उग्रवादी समूहों द्वारा इलाके में आतंक फैलाया जाता था। पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि ऐसे अभियानों से नक्सलियों के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

