Palamu: झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। चाईबासा और रामगढ़ के बाद अब पलामू जिले में हाथियों ने ग्रामीण इलाकों में भारी उत्पात मचाया है। पलामू टाइगर रिजर्व से निकलकर आए दो जंगली हाथियों ने सतबरवा प्रखंड के चेतमा और सलैया गांव में दहशत फैला दी। हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की शाम रबदा पंचायत के चेतमा गांव में हाथियों ने खेतों में लगी चना, गेहूं और सरसों की फसलों को रौंद दिया। इसके बाद दोनों हाथी रांची–डालटनगंज मुख्य मार्ग एनएच-39 पर तुंबागड़ा के सेमरटांड इलाके में पहुंच गए, जिससे सड़क पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों में भय का माहौल बन गया।
हाथियों को भगाने के लिए ग्रामीणों ने शोर मचाया और टीन-ड्रम बजाए। इसी दौरान एक हाथी सलैया गांव के पास औरंगा नदी पार कर वापस पीटीआर के जंगल की ओर लौट गया, जबकि दूसरा हाथी शनिवार को चेतमा और सलैया गांव के आसपास के जंगलों में घूमता नजर आया। इससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
चेतमा गांव की रहने वाली कुमारी सुनीता ने बताया कि हाथियों के गांव में घुसने के बाद पूरी रात कोई सो नहीं सका। लोग जागकर पहरा देते रहे और शोर मचाकर हाथियों को दूर रखने की कोशिश करते रहे। उन्होंने कहा कि किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
इधर, चतरा सांसद के प्रखंड प्रतिनिधि धीरज कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मनिका वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों और ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा गया, हालांकि शनिवार सुबह फिर एक हाथी क्षेत्र में दिखाई देने से भय का माहौल बना हुआ है।
हाथियों के उत्पात से प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में हाथियों की सतत निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील भी की गई है।
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