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नकटी डैम में जुटे पश्चिमी सिंहभूम के उर्दू शिक्षक, भव्य सम्मान सम्मेलन के जरिए दिया संगठन की एकजुटता का संदेश

35 कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी सामान्य सम्मान से नवाजा गया।सम्मान पाकर शिक्षकों के चेहरे पर गर्व और आत्मसंतोष की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

by Rajeshwar Pandey
Nakati Dam, Chaibasa
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम झारखंड राज्य उर्दू शिक्षक संघ के बैनर तले चक्रधरपुर के नकटी डैम परिसर में एक भव्य शिक्षक सम्मान एवं मिलन समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रदेश महासचिव अमीन अहमद के निर्देश पर संपन्न हुआ। इसकी अध्यक्षता संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अब्दुल मजीद खान ने की। इस समारोह में पूरे झारखंड राज्य से आए उर्दू शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बना दिया।

इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों से आए कुल 20 सेवानिवृत्त शिक्षक – शिक्षिकाओं को उनके लंबे, समर्पित और अनुकरणीय शिक्षकीय सेवा के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। वहीं, 35 कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी सामान्य सम्मान से नवाजा गया।सम्मान पाकर शिक्षकों के चेहरे पर गर्व और आत्मसंतोष की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

संगठन की मजबूती पर दिया गया बल

मिलन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष अब्दुल मजीद खान ने कहा कि वर्ष में कम से कम एक बार इस प्रकार का मिलन समारोह आयोजित होना बेहद जरूरी है। इससे न केवल आपसी भाईचारा और संवाद बढ़ता है, बल्कि संगठन भी और अधिक मजबूत होता है।उन्होंने कहा कि झारखंड राज उर्दू शिक्षक संघ राज्य का एकमात्र ऐसा संगठन है जो निरंतर उर्दू विद्यालयों और उर्दू शिक्षकों के हितों की आवाज बुलंद करता रहा है। संगठन के सतत प्रयासों के कारण ही शिक्षकों की अनेक पुरानी समस्याओं का समाधान संभव हो पाया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि निकट भविष्य में बोकारो जिला में संगठन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जहां संगठन के विस्तार और मजबूती को लेकर ठोस निर्णय लिए जाएंगे।

पश्चिमी सिंहभूम में संगठन सक्रिय

पश्चिमी सिंहभूम जिला अध्यक्ष शमशेर आलम ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे राज्य से उर्दू शिक्षकों का पश्चिमी सिंहभूम जिले में एकत्र होना जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि जिले में संगठन पूरी तरह सक्रिय है और शिक्षकों व उर्दू विद्यालयों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने मांग रखी कि उर्दू विद्यालयों के लिए अलग से पांच स्थानीय अवकाश स्वीकृत किए जाएं तथा उर्दू विषय के जानकार शिक्षक-शिक्षिकाओं की उर्दू विद्यालयों में ही पदस्थापना सुनिश्चित की जाए।

इसके लिए शीघ्र ही जिला के उपायुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक से प्रतिनिधिमंडल मिलकर अपनी मांगें रखेगा। प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल मजीद खान, जिला अध्यक्ष शमशेर आलम, जिला सचिव अहमद जमाल, सरायकेला-खरसावां जिला सचिव रूबी तरन्नुम तथा अंजुमन इस्लामिया के सचिव बैरम खान के कर-कमलों से सम्मान पत्र, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ कार्यक्रम

समारोह पूरे सौहार्दपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों ने संगठन की मजबूती, उर्दू शिक्षा के विकास और शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। यह सम्मान सम्मेलन न केवल सेवानिवृत्त शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बना, बल्कि उर्दू शिक्षकों की एकता और संगठनात्मक शक्ति का भी सशक्त संदेश दे गया।

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