पटना: राजधानी पटना के बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी स्थित चंद्रशेखर पार्क में आयोजित पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती के अवसर पर आयोजित राजकीय समारोह के दौरान बड़ा विवाद सामने आया। समारोह में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति के बाद जैसे ही वे कार्यक्रम स्थल से रवाना हुए, स्थानीय लोगों ने पार्क के निजीकरण को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन किया और पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह को घेर लिया।
चंद्रशेखर पार्क के निजी स्कूल को आवंटन पर विवाद
मुख्य कारण यह है कि बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी स्थित चंद्रशेखर पार्क की भूमि को निजी स्कूल को आवंटित किया गया है, जिसे लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह सार्वजनिक उपयोग की जमीन है, जिसे निजी शिक्षण संस्थान को सौंपना जनहित के खिलाफ है।
स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम स्थल पर विरोध जताने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस द्वारा रोक दिए जाने के कारण वे प्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री के सामने विरोध नहीं कर सके। मुख्यमंत्री के जाते ही स्थानीय लोगों ने पटना DM को घेर कर नाराज़गी जाहिर की।
पटना DM का बयान: कोर्ट के आदेश के अनुसार हुआ आवंटन
यह भूमि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार निजी शिक्षण संस्थान को आवंटित की गई है। पूर्व में इसी भूमि पर पार्क निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने याचिका दाखिल की थी। न्यायालय के आदेश के आलोक में जमीन का उपयोग शैक्षणिक उद्देश्य के लिए किया गया है। यदि किसी को आपत्ति है, तो वे पुनः कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकते हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद आवंटन का निर्णय
पटना DM के अनुसार, कोर्ट ने यह निर्देश दिया कि उक्त भूमि का उपयोग शैक्षणिक उद्देश्य से किया जा सकता है। इसके बाद संबंधित विभाग ने इस भूमि को एक निजी शैक्षणिक संस्था को आवंटित किया। इससे पहले यहां एक पार्क के निर्माण की प्रक्रिया चल रही थी, जिस पर स्थानीय नागरिकों की याचिका के बाद सुनवाई हुई थी।
लोग क्यों हैं नाराज़? स्थानीय लोगों का कहना है कि:
यह पार्क बच्चों और बुजुर्गों के लिए एकमात्र सार्वजनिक स्थल था। इसे निजी संस्थान को देना सार्वजनिक हित के विरुद्ध है। इससे कॉलोनी के लोगों की सामुदायिक सुविधाओं में कटौती होगी।

