– जामताड़ा के साइबर ठगों को यहां पहुंचाकर 1500 से 2000 रुपये में बेचता था सिम कार्ड
– अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड के लिए 15 से 20 हजार रुपये की करता था वसूली
– पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर का रहने वाला पुलक दास, गैंग में शामिल हैं कई लोग
जामताड़ा : person Gave ATM and SIM card Cyber Thug caught : साइबर ठगों को फर्जी आईडी पर खरीदे गए सिम कार्ड और विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड उपलब्ध करवाने वाले गैंग के शातिर को दबोचने में जामताड़ा साइबर पुलिस को कामयाबी मिली है। साइबर थाना प्रभारी अब्दुल रहमान की अगुवाई में टीम ने आरोपित पुलक दास को जामताड़ा के नवाडीह गांव के पास से दबोचा है।
आरोपित के पास से पुलिस टीम ने 13 एटीएम कार्ड और 48 फर्जी आईडी पर खरीदे के सिम कार्ड बरामद हुए हैं। पुलक दास पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के सुहरी गांव का रहने वाला है और वह फर्जी आईडी पर ये सिम पश्चिम बंगाल व ओडिशा के विभिन्न इलाकों से लाकर यहां के साइबर अपराधियों को उपलब्ध करवाता था।
इस बात की जानकारी जामताड़ा एसपी एहतेशाम वकारिब ने बुधवार की शाम प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी। एसपी ने बताया कि पुलिस को सूचना थी कि फर्जी सिम कार्ड और एटीएम कार्ड की खेप लेकर बंगाल से यह आरोपित अपनी बाइक से जामताड़ा आया है। छापेमारी के दौरान आरोपित के पास से एटीएम व सिम कार्ड के अलावा एक मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड व बाइक भी जब्त की गई है। आरोपित के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
दो हजार रुपये में सिम व 15 से 20000 रुपये में करता था एटीएम का सौदा
एसपी ने बताया कि बंगाल के सप्लायर गैंग का यह शातिर जामताड़ा के साइबर ठगों को 1500 से 2000 रुपये में सिम व 15000 से 20000 रुपये में अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड की सप्लाई कर रहा था। विश्वस्त पुलिस सूत्रों की मानें तो इस सप्लायर गैंग का कांटेक्ट जामताड़ा के कई साइबर ठगों से हैं।
यह डिमांड के हिसाब से यहां के साइबर ठगों को सिम व एटीएम कार्ड लाकर यहां सप्लाई करता था। पुलिस इस गैंग के सरगना और इसमें शामिल अन्य शातिरों का पता लगाने में जुटी है।
person Gave ATM and SIM card Cyber Thug caught : बैंक कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध
पूरे प्रकरण में बैंक कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस आरोपित के पास से जब्त 13 एटीएम कार्ड की भी जांच में जुटी है। ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि ये एटीएम कार्ड किसके नाम से इश्यू हुए और कार्ड इस गैंग के पास कैस उपलब्ध हो गया। उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में एटीएम कार्ड उपलब्ध करवाने वाले बैंक के कर्मी व ऐसे खाता धारक भी अनुसंधान का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।

