चेन्नई :Poisonous liquor Tamilnadu: तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में जहरीली शराब पीने से बुधवार रात 29 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से ज्यादा लोग बीमार हैं। इन लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। राज्य सरकार ने घटना की जांच सीबी-सीआईडी को सौंप दी है। जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया है। निषेध शाखा के 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए हैं। जिले के कलेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने एसपी का सस्पेंशन ऑर्डर जारी किया है।

Poisonous liquor Tamilnadu : मुख्य आरोपी हुआ गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति के. कन्नुकुट्टी (49) को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से लगभग 200 लीटर जहरीली शराब बरामद हुई है। इसमें मेथनॉल मिला हुआ था। इस मेथनॉल की वजह से शराब जहरीली हो गई थी। वही बता दें कि तमिलनाडु में जहरीली शराब से कई बार लोगों की मौत हो चुकी है। बीते साल मई में विलुपुरम जिले में इसी तरह के मेथनॉल मिक्सड शराब पीने से 12 लोगों की मौत हो गई थी।
Poisonous liquor Tamilnadu: क्या है पूरा मामला
जहरीली शराब पीकर मरने वाले लोग कल्लाकुरिची जिले के करुणापुरम के रहने वाले हैं। इन लोगों ने 18 जून को पैकेट में बिकने वाली शराब पी थी। इस शराब का सेवन करने वाले ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर थे। शराब पीने के तकरीब दो से तीन घंटे बाद इन लोगों को दस्त, उल्टी, पेट दर्द और आंखों में जलन होने लगी थी। इसके बाद इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, इलाज के दौरान गुरुवार सुबह तक एक-एक कर 29 लोगों ने दम तोड़ दिया।
राज्यपाल ने जताई चिंता
तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने घटना पर दुख जताया है। राज्यपाल ने कहा कि जहरीली शराब के मामले में लगातार चूक हो रही है। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कल्लाकुरिची में जहरीली शराब के सेवन से लोगों की मौत की खबर से मैं बहुत हैरान और बेहद दुखी हूं। कई लोग अभी भी अस्पताल में जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट करता हूं। बीमार लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
वहीं, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि कल्लाकुरिची में जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत की खबर सुनकर मैं हैरान और आहत हूं। इसके साथ ही जहरीली शराब बेचने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है। सीएम ने आश्वासन दिया है कि जहरीली शराब की बिक्री रोकने में नाकाम रहने वाले सभी अफसरों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। गुरुवार सुबह तक सरकार की ओर से मुआवजे का ऐलान नहीं किया गया था।

