धनबाद : केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे के धनबाद दौरे के दौरान एक अजीब स्थिति देखने को मिली, जब कार्यक्रम के बीच में ही बिजली गुल हो गई। यह घटना बीएमएस कार्यालय में उस समय हुई, जब केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। बिजली कटौती के कारण कार्यक्रम अंधेरे में संपन्न हुआ।
बिजली संकट पर कोयला मंत्री का झारखंड सरकार पर तीखा हमला
बिजली कटौती की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने झारखंड सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस राज्य में देश के लिए बिजली पैदा होती है, वहां खुद बिजली संकट गहराया हुआ है’। उन्होंने इसे राज्य सरकार की विफलता करार देते हुए कहा कि बिजली उत्पादन वाले राज्य में पावर कट होना दर्शाता है कि व्यवस्था किस हद तक चरमरा चुकी है।
कोयला उत्पादन और खनन परियोजनाओं को लेकर दिए संकेत
धनबाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कोयला राज्य मंत्री ने बीसीसीएल मुख्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों के साथ नई खदानें खोलने और कोयला उत्पादन की गति तेज करने को लेकर हुई चर्चाओं की जानकारी दी।
झरिया पुनर्वास योजना की समीक्षा की घोषणा
मंत्री ने झरिया क्षेत्र की ज्वलंत समस्या विस्थापन और पुनर्वास पर भी अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि झरिया एक्शन प्लान (JRDA) की समीक्षा जल्द की जाएगी और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास कार्य में तेजी लाई जाएगी। कोयला मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस योजना को प्राथमिकता दी गई है और अधिकारियों के साथ कई मैराथन बैठकें हो चुकी हैं।
स्थानीय समुदाय के लिए सामाजिक सुधारों पर भी दिया जोर
कोयला मंत्री ने केवल औद्योगिक पहलुओं पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधारों की दिशा में भी केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा कि कोयला उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को भी लाभान्वित करने के लिए कई योजनाएं चलाई जाएंगी, जिससे सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

